जिला प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे के परिजन शुक्रवार से बुद्ध पार्क में आंदोलन शुरू करेंगे। परिजनों का कहना है कि सरकार और जिला प्रशासन की मंशा मुआवजे की शेष धनराशि देने की नहीं है।
जीएसटी और नोटबंदी से परेशान काठगोदाम निवासी ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे ने छह जनवरी को देहरादून में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के जनता दरबार में जहर खा लिया था। अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी।
अंत्येष्टि से इंकार करने पर डीएम ने परिजनों को मुआवजे के रूप में दो लाख रुपये देने, 10 फरवरी तक 10 लाख का भुगतान करने, पत्नी को नौकरी दिलाने और बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करने का आश्वासन दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा मुआवजा देने से साफ इंकार कर देने के बाद से मामला फंसा हुआ है।
ट्रांसपोर्टर की पत्नी कमला पांडे ने कहा कि प्रशासन आंदोलन पर न बैठने के लिए समय की मांग तो कर रहा है लेकिन यह नहीं बता रहा कि मांगें कब पूरी होंगी। उन्होंने कहा कि वह शुक्रवार से बुद्ध पार्क में परिजनों के साथ अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठेंगी।
नेता प्रतिपक्ष से मिले पांडे के परिजन
हल्द्वानी। मुआवजे की बकाया धनराशि का भुगतान दिलाने और पत्नी को नौकरी दिलाने की मांग को लेकर ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे के परिजनों ने बृहस्पतिवार को नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश से भेंट की। परिजनों का कहना था कि सरकार और जिला प्रशासन द्वारा इस मामले में कोई पहल नहीं की जा रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि डीएम द्वारा दिया गया आश्वासन सरकार का आश्वासन होता है लेकिन सरकार अब अससं पलट रही है। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ हैं।
भाजपा संगठन ट्रांसपोर्टर पांडे के परिजनों की मदद को हर संभव प्रयास कर रहा है। बुधवार को परिजनों से कुछ दिन के लिए आंदोलन स्थगित करने की अपील की गई थी, इसके बाद उनसे कोई बात नहीं हुई है।
-जोगेंद्र रौतेला मेयर हल्द्वानी