उत्तराखंड परिवहन निगम से सेवानिवृत्त हुए मान सिंह ने सोचा था कि पेंशन और पीएफ के पैसे के सहारे बुढ़ापा आराम से गुजरेगा। लेकिन, परिवहन निगम में फैली अव्यवस्थाओं में यह मुमकिन नहीं हो पाया। निगम ने उनके पीएफ और पेंशन का पैसा मान सिंह नाम के ही दूसरे कर्मचारी के खाते में ट्रांसफर कर दिया। हद तो यह है कि गलती पता चलने के बावजूद निगम के अधिकारियों ने इसमें सुधार की जहमत नहीं उठाई।
मान सिंह पुत्र परशुराम ने बताया कि उन्हें परिवहन निगम से सेवानिवृत हुए करीब डेढ़ साल हो गए हैं। अभी तक पीएफ का पैसा नहीं मिला और न पेंशन लगी। उन्होंने छानबीन की तो पता चला कि निगम के ईपीएफ काउंटर ने उनका पैसा गलती से सेवानिवृत मान सिंह पुत्र हरशिराम के खाते में डाल दिया है। यह राशि दो लाख से ज्यादा है। इस कारण से उनकी पेंशन भी शुरू नहीं हो सकी है।
उन्होंने बताया कि वे कई बार परिवहन निगम प्रबंधन व पीएफ कार्यालय में शिकायत कर चुके हैं। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। वे कई महीने से अस्वस्थ चल रहे हैं। उनके पास उपचार के लिए भी पैसे नहीं हैं। उनकी पत्नी भी दफ्तर के कई चक्कर लगाकर थक चुकी हैं। उन्होंने अब मजबूरन प्रधानमंत्री कार्यालय में भी मामले की शिकायत की है।
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। हो सकता है मंडलीय प्रबंधक कार्यालय में शिकायत दी गई हो। मामले विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पेंशन से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए ईपीएफओ कार्यालय से संपर्क किया जाएगा।
-दीपक जैन, महाप्रबंधक, उत्तराखंड परिवहन निगम
दो दिन पहले मानसिंह की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। इसकी जांच कराने पर पता चला है कि परिवहन निगम के ईपीएफ काउंटर से पीएफ व पेंशन की राशि गलत खाते में ट्रांसफर की गई है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही परिवहन निगम प्रबंधन को भी गलत कर्मचारी के खाते में भेजी गई राशि की रिकवरी के लिए पत्र भेजा जाएगा।
-मनोज कुमार यादव, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ उत्तराखंड।