बिना वर्दी आने वालों पर 250 रुपये जुर्माना
परिवहन निगम ने वर्दी तय करते हुए इससे संबंधित दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। हर ड्राइवर, कंडक्टर को वर्दी भत्ता मिलने के 15 दिन के भीतर अपनी वर्दी तैयार करानी होगी। सभी डिपो के केंद्र प्रभारी, समयपाल की यह जिम्मेदारी होगी कि वह ड्यूटी स्लिप देते समय वर्दी का ध्यान रखें। मार्ग पर निरीक्षण के दौरान सभी अधिकारियों को भी ड्राइवर, कंडक्टर की वर्दी देखनी होगी। अगर कोई ड्राइवर या कंडक्टर बिना वर्दी ड्यूटी पर आता है तो अपरिहार्य स्थिति को छोड़कर उसे 250 रुपये जुर्माना देना होगा। इसके बाद वह ड्यूटी कर सकेगा। अगर कोई लगातार बिना वर्दी आएगा तो उससे वर्दी की धनराशि वसूलते हुए उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: आरटीआई के तहत सूचना मांगने में मैदानी जिले अव्वल, एक साल में मांगी गईं 35 हजार से अधिक सूचनाएं
3000 रुपये में एक साल की वर्दी कैसे चलेगी
परिवहन निगम की ओर से शर्ट या कोट के साथ पैंट और टोपी के लिए तीन हजार रुपये वर्दी भत्ता तय किया है। इस रकम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रांतीय महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि तीन हजार रुपये में एक कोट बनवाना भी मुश्किल है। उन्होंने कहा कि अगर सालभर वर्दी पहननी है तो एक वर्दी से कैसे काम चलेगा। कम से कम दो पैंट, दो शर्ट होनी चाहिए। सर्दियों के लिए कोट होना चाहिए। लिहाजा, उन्होंने मांग की है कि कम से कम आठ से दस हजार रुपये वर्दी भत्ता दिया जाए।