फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, किन्नर वेलफेयर बोर्ड का गठन कर दिया जाए आरक्षण

Fri, 28 Sep 2018 09:10 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल
विज्ञापन
high court
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने किन्नर वेलफेयर बोर्ड के गठन का आदेश जारी करते हुए सरकार से कहा है कि वह किन्नरों को मुख्यधारा में शामिल करने और सम्मानजनक जीवन जीने देने के हर संभव उपाय करें।

विज्ञापन


कोर्ट ने किन्नरों को स्कूल में प्रवेश, सरकारी सेवा आदि में आरक्षण देने, आवास उपलब्ध कराने आदि के लिए छह माह में नियम बनाने का भी सरकार को आदेश दिया। किन्नर रजनी रावत, रानों आदि को पुलिस सुरक्षा देने संबंधित याचिका पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की खंडपीठ ने कहा कि स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए सरकार किन्नरों को छात्रवृत्ति दे।

किन्नर वेलफेयर बोर्ड का गठन किया जाए जिसमें किन्नरों का भी प्रतिनिधित्व हो। उन्हें निशुल्क चिकित्सा मिले और उन्हें सार्वजनिक स्थानों में आने जाने की पूरी छूट हो। कोर्ट ने कहा कि किन्नरों के लिए सार्वजनिक स्थानों, बस व रेलवे स्टेशन और हर सरकारी भवन में अलग से शौचालय बनाये जाएं।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

मुख्यधारा में शामिल करे सरकार

कोर्ट ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किन्नरों का पंजीकरण करें और यह सुनिश्चित करें कि किन्नर बच्चे को उनके माता पिता से कोई जबरन न ले जा सके और यह सुनिश्चित किया जाय कि उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। किन्नरों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सरकार जागरूकता अभियान भी चलाए।  

कोर्ट ने किन्नर रजनी रावत, रानो सहित अन्य को सुरक्षा देने का आदेश दिया। देहरादून निवासी किन्नर रजनी रावत व अन्य की याचिका में कहा गया था कि उनको देहरादून की किन्नर गद्दी विरासत में 1996 से मिली हुई है। कुछ समय से हरियाणा, यूपी के किन्नर उनके नाम से वसूली कर रहे है। इसका विरोध करने पर धमकी दी गयी। याचिकाकर्ता का कहना था कि इसकी शिकायत उन्होंने एसएसपी देहरादून से भी की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें