उत्तराखंड के हल्द्वानी में दस दिनी अखिल भारतीय किन्नर महासम्मेलन की शुरुआत बुधवार को हवन-पूजन से की गई। यहां देश भर से आए किन्नरों ने गाने की धुनों पर नाचकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का शुक्रिया किया।
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डहरिया स्थित एक होटल को सम्मेलन के लिए शादी समारोह की तरह संवारा गया था। किन्नरों के लयबद्ध ताली पीटने और गाने की गूंज सुनकर रास्ते से गुजरने वालों के भी कदम ठिठक रहे थे।
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कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अलीगढ़ की मीना बाई, उझियानी की सुरैया बाई, मेरठ की रेशमा बाई, शकुंतला और फरीद बाई आई हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का शुक्रिया किया है।
महासम्मेलन में आए एक हजार किन्नर
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मुंबई, हैदराबाद उत्तर प्रदेश के लगभग 1000 किन्नर गुरु डहरिया स्थित होटल और बैंकट हाल में हो रहे महासम्मेलन में भाग लेने आए हैं। इस दौरान किन्नर गुरु छंगा और शीला नायक द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया है।
महासम्मेलन में 19 अप्रैल को कुम्हारों के चाक की पूजा होगी। 21 अप्रैल को एक होटल से कलश यात्रा निकाली जाएगी। किन्नर कालू सिद्ध बाबा मंदिर में घंटा चढ़ाएंगे।
साथ ही देश के यजमानों के सुख समृद्धि की कामना करेंगे। अगला सम्मेलन गढ़ मुक्तेश्वर (अमरोहा) में होगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने स्त्री पुरुष से अलग तीसरे लैंगिंग समूह की तरह किन्नरों को मान्यता देने का फैसला दिया है।
महासम्मेलन के लिए कड़ी सुरक्षा
होटल में किन्नरों के महासम्मेलन की सुरक्षा के लिए कड़ी व्यवस्था की गई है। बिना किन्नर गुरुओं की इजाजत के किसी को अंदर आने की इजाजत नहीं है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए गेट पर पुलिस फोर्स की व्यवस्था की गई है।
लक्जरी वाहनों से आते रहे
महासम्मेलन में भाग लेने के लिए किन्नर लक्जरी वाहनों से आ रहे थे। लोग किन्नरों के सजे रूप को देखकर आश्चर्य चकित हो रहे थे।