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उत्तराखंड पुलिस विभाग में फेरबदल, 17 IPS बदले

Fri, 09 Oct 2015 10:58 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड सरकार ने देहरादून समेत आठ जिलों के पुलिस कप्तानों के साथ ही 17 आईपीएस अफसरों को ताश के पत्तों की तरह फेंट डाला।
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लंबे अरसे बाद पुलिस विभाग में इतना बड़ा फेरबदल हुआ है। इस फेरबदल को इलेक्शन पोस्टिंग के रूप में देखा जा रहा है। सदानंद दाते को देहरादून का एसएसपी बनाया गया है तो केवल खुराना को ऊधमसिंहनगर जैसे टफ डिस्ट्रिक्ट की जिम्मेदारी दी गई है।

गुरुवार को गृह सचिव विनोद शर्मा ने आईपीएस अफसरों के तबादलों की जानकारी दी। एसटीएफ के एसएसपी सदानंद दाते राजधानी के नए कप्तान होंगे। दाते से इससे पहले नैनीताल, हरिद्वार में कप्तानी की पाली खेल चुके है। देहरादून में एसएसपी के पद पर पिछले नौ महीने से जमे डीआईजी पुष्पक ज्योति को पीएचक्यू भेज दिया गया है।
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हल्द्वानी में एसपी सीबीसीआईडी के पद पर तैनात केवल खुराना को ऊधमसिंहनगर के एसएसपी की जिम्मेदारी दी है। वह भी देहरादून, हरिद्वार और टिहरी में पुलिस कप्तान रह चुके है। ऊधमसिंहनगर से नीलेश आनंद भरणे को एसपी सुरक्षा व अभिसूचना के पद पर देहरादून मुख्यालय भेजा है। इसके अलावा नैनीताल के एसएसपी सेंथिल अबूदई को हरिद्वार का नया पुलिस कप्तान बनाया गया है। हरिद्वार में इसी पद पर तैनात स्वीटी अग्रवाल को नैनीताल का एसएसपी बनाकर भेजा है।

सुरक्षा व अभिसूचना में तैनात राजीव स्वरूप को पौड़ी का एसपी बनाया गया है। पौड़ी में तैनात अजय जोशी को पीएचक्यू भेज दिया गया है। उधर, करीब तीन साल से रुद्रप्रयाग जिले में जमे बरिंदरजीत सिंह को टिहरी का एसपी नियुक्त किया है। टिहरी में तैनात मुख्तार मोहसिन को एसपी पीएचक्यू के पद पर भेजा है। वीकेएस कार्की को विजिलेंस से एसपी (क्षेत्रीय) अभिसूचना के पद पर भेजा है।

उत्तरकाशी के एसपी जगतराम जोशी को एसपी अर्द्धकुंभ मेला बनाया गया है। हाल ही में प्रतिनियुक्ति से लौटे कृष्णकुमार वीके को एसडीआरएफ का सेनानायक बनाया गया है। एसडीआरएफ में तैनात पी. रेणूकादेवी को पीएचक्यू भेज दिया गया है। पीएचक्यू में तैनात निवेदिता कुकरेती को उत्तरकाशी का एसपी नियुक्त किया है।

इसके अलावा सहायक पुलिस अधीक्षक व देहरादून में सीओ सदर की जिम्मेदारी देख रहे आईपीएस प्रहलाद नारायण मीणा को एसपी रुद्रप्रयाग बनाया गया है। जबकि एआईजी पीएसी जन्मेजय प्रभाकर कैलाश को राज्यपाल का परिसहाय नियुक्त किया गया है।

किसी को मिली कमान, किसी के लुटे अरमान
पुलिस विभाग का रिशफल कइयों के लिए एक सबक बन गया। जो मुख्य धारा में आने की जद्दोजहद में थे उन्हें किनारे कर दिया गया। लेकिन एक बात साफतौर पर सामने आई। सीएम ने आज के इस बदलाव में किसी की नाराजगी की परवाह नहीं की। यूं भी कहा जा सकता है कि परफैक्ट तौर पर यह मुख्यमंत्री की सूची है। इस सूची ने पुलिस विभाग में शक्ति का केंद्र बने कई महारथियों को भी धराशायी कर दिया है।

आईपीएस की इस लिस्ट को आउट करने से पहले सीएम ने काफी नापतौल की। एक्शन के बाद क्या रियक्शन होगा और लॉ एंड ऑर्डर पर हो रही फजीहत से कैसे बचा जाएगा, सभी बिन्दुओं पर मंथन करने के बाद आदेश जारी किए गए। इत्मीनान की हद यह थी कि बुधवार की शाम छह बजे मुख्यमंत्री ने अनुमोदन कर दिया और गुरुवार को सूची जारी करने को कहा।

यानि इस बात के लिए सीएम तैयार थे कि कोई फेरबदल नहीं करना है। जबकि बुधवार से ही सभी नाम मीडिया में आ गए थे। इस फेरबदल में सीएम के सलाहाकार रंजीत रावत का भी अहम रोल रहा।

पुलिस विभाग का एक शक्तिशाली गुट अंतिम क्षण तक केवल खुराना को रोकने में लगा रहा, लेकिन सीएम को टस से मस नहीं कर सका। सीएम ने खुराना को सबसे चुनौतीपूर्ण जिले की कमान सौंपकर भरोसा भी जताया। विरोधी गुट की सारी ऊर्जा अपने एक विकेट को गिरने से बचाने में ही खर्च हो गई।
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इसी तरह से सदानंद दाते भी एक प्रभावशाली ग्रुप की आंख की किरकिरी होने के बावजूद राजधानी पा गए। इस पर भी सीएम ने किसी की नहीं सुनी। इसके अलावा जिन अफसरों को खुद का नाम लिस्ट में होने का अंधा विश्वास था, उन्हें भी सीएम ने जोर का झटका धीरे से दिया।
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