प्रदेश में टीचरों के ट्रांसफर के लिए सरकार की ओर से बनाई गई तबादला नियमावली मजाक बनकर रह गई है। चहेते अफसरों के लिए नियम ताक पर रख दिए गए हैं।
सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) में जहां कुछ अफसर पांच साल से भी अधिक समय से जमे हैं। वहीं, अब 5400 ग्रेड पे वाली महिला अधिकारी को 7600 रुपये के ग्रेड पे के पद पर पौड़ी से प्रतिनियुक्ति पर दून लाया गया है।
प्रदेश में टीचरों के ट्रांसफर के लिए तबादला नियमावली के बावजूद कुछ बीमार, विधवा और विकलांग टीचरों को भले इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है, लेकिन अफसरों के मामले में स्थिति ठीक इसके उलट है। एसएसए और रमसा में सात से अधिक अफसर नियमों को ताक पर रखकर पिछले पांच साल से भी अधिक समय से जमे हैं।
न विज्ञप्ति न आवेदन, कर दी प्रतिनियुक्ति
वहीं, नया मामला अब विभाग में एक महिला अधिकारी का सामने आया है। पौड़ी जनपद में 5400 ग्रेड पे के पद पर तैनात इस महिला अधिकारी को विशेषज्ञ राज्य परियोजना कार्यालय देहरादून में 7600 के ग्रेड पे के पद पर लाया गया है। प्रतिनियुक्ति के इस पद के लिए विभाग ने न तो विज्ञप्ति जारी कर आवेदन मांगे न ही इंटरव्यू की प्रक्रिया अपनाई गई।
एसएसए और रमसा में शिक्षा विभाग के ऐसे सभी अफसरों को जो पिछले पांच साल से अधिक समय से यहां जमे हैं। मार्च 2017 को कार्यमुक्त कर उन्हें मूल तैनाती पर भेजा जाएगा। वहीं, महिला अधिकारी की दून में तैनाती के मामले में भी प्रक्रिया को अपनाया जाना चाहिए था।
-डॉ. रणवीर सिंह अपर मुख्य सचिव