अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों के संगठन उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन ने शासन के रवैये पर रोष व्यक्त किया है।
संगठन ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द वार्ता नहीं हुई तो वे बिना किसी पूर्व सूचना के उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष मुकेश बहुगुणा और प्रांतीय महामंत्री राकेश सिंह रावत ने आरोप लगाया है कि अक्तूबर 2025 में मांग पत्र सौंपे जाने के बाद से शासन वार्ता को लगातार टाल रहा है। पहले चार फरवरी को होने वाली बैठक स्थगित कर दी गई है। इसके बाद 13 फरवरी की बैठक को भी शासन ने टाल दी। अब 27 फरवरी को वार्ता के लिए मात्र आधा घंटा दिया गया है, जिसे संगठन ने कर्मचारियों का अपमान और शासन की असंवेदनशीलता बताया है।
संगठन ने मांग की है कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण लंबित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा के लिए पर्याप्त समय प्रदान किया जाए। बैठकों को बार-बार स्थगित करने की प्रक्रिया तुरंत बंद हो। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि इसी प्रकार बैठकों को मजाक बनाया गया तो फेडरेशन ऐसी बैठकों का बहिष्कार करेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व सरकार की होगी।