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Dehradun News: चार घंटे थमे रहेंगे ट्रेनों के पहिए, दून-रायवाला रेल लाइन बदलने काम अभी अधूरा

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दून-रायवाला के बीच रेल लाइन बदलने का काम 13 अगस्त यानी अपनी तय समयावधि में पूरा नहीं हो पाया है। रेलवे की ओर से आदेश जारी कर समयावधि को चार महीने के लिए आगे बढ़ाया गया है। ऐसे में आने वाले समय में भी रात 12 बजे के बाद चार घंटे तक ट्रेनों का संचालन नहीं हो सकेगा। इसकी वजह से तीन ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ रहा है।
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गौरतलब है कि इसी वर्ष 10 मार्च को देहरादून से रायवाला के बीच रेल लाइन बदलने का काम शुरू किया गया था। इस काम को 13 अगस्त तक पूरा किया जाना था। काम के लिए रात 12 बजे के बाद चार घंटे के लिए ट्रेनों का संचालन भी पूरी तरह रोका गया था। इसकी वजह से काठगोदाम-देहरादून, नंदादेवी-देहरादून और जनशताब्दी के संचालन पर असर पड़ रहा है।

यात्रियों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को यह परेशानी अब आगे भी उठानी पड़ेगी। तय समय में काम पूरा न होने के चलते समयावधि को बढ़ाकर दिसंबर 2026 किया गया है। कार्यदायी संस्था की ओर से काम में देरी की वजह विपरीत मौसमीय परिस्थितियों को बताया गया है। इसके अलावा रेल लाइन जंगल के बीचो-बीच होने की वजह से भी कई दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। मजदूर काम पर जाने से डर रहे हैं।
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40 किलोमीटर की लाइन है बदलने के लिए
अधिकारियों के मुताबिक देहरादून से रायवाला तक करीब 40 किलोमीटर की रेल लाइन बदली जानी है। जहां पर लाइन सीधी है वहां पर रेलवे की ओर से एक दिन में 500 मीटर लाइन बदलने का लक्ष्य तय किया गया है। जहां लाइन टेढ़ी हैं वहां पर 250 मीटर प्रति दिन बदलने का लक्ष्य है। वर्तमान में करीब 50 प्रतिशत काम शेष है।

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20 वर्ष में बदला जाता है ट्रैक

तकनीकी संवर्ग के रेलवे अधिकारियों की मानें तो रेलवे ट्रैक को आमतौर पर 20 से 25 वर्ष या तयशुदा ग्रॉस मिलियन टन (जीएमटी) की क्षमता पूरी होने के बाद बदला जाता है। लगातार भारी ट्रेनों के गुजरने से लोहे की पटरी और स्लीपर घिस जाते हैं, धातु कमजोर हो जाती है और दरारें आने का खतरा बढ़ जाता है। सुरक्षा और तेज गति बनाए रखने के लिए यह नवीनीकरण जरूरी है। हादसों से बचने और वंदे भारत जैसी आधुनिक सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों को सुरक्षित व 110-130 किमी/घंटा से अधिक गति से चलाने के लिए मजबूत ट्रैक आवश्यक है।


कोट-
ट्रैक को पूरा बदलने के लिए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश की वजह से काम पर असर पड़ रहा है। तय की गई नई समयावधि में काम पूरा होने की उम्मीद है। - महेश यादव, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, मुरादाबाद मंडल
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