हरिद्वार वन प्रभाग के पथरी की केंद्रीय बीट में बुधवार को ट्रेन की चपेट में आने से गुलदार की मौत गई। घटनास्थल पर ही पोस्टमार्टम कर गुलादर के शव को जला दिया गया, लेकिन गुलदारों की लगातार हो रही मौत से वन प्रभाग चिंतित है।
हरिद्वार वन प्रभाग को बुधवार सुबह करीब छह बजे रेलवेकर्मी ने पथरी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक किनारे गुलदार के शव पड़े होने की सूचना दी। इस पर विभाग के अधिकारी डॉक्टरों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। डॉक्टरों का कहना है कि ट्रेन की चपेट में आने से गुलदार का एक पैर कट गया। साथ ही गुलदार के सिर में भी गंभीर चोट आने से उसकी मौत हो गई। उसकी उम्र का अंदाजा नौ वर्ष लगाया जा रहा है।
मौके पर ही डा. अमित ध्यानी और डा. राजीव कुमार यादव ने पोस्टमार्टम किया और कुछ देर बाद शव को जला दिया गया। डीएफओ आकाश वर्मा ने बताया कि ट्रेन की चपेट में आने से नौ वर्षीय गुलदार की मौत हुई है। मौके पर हरिद्वार रेंज के रेंजर दिनेेश नोडियाल, वन दरोगा ओपी सिंह सहित कई वनकर्मी मौजूद रहे।
पहले भी मर चुके हैं वन्यजीव
कुछ वर्ष पूर्व मोतीचूर रेंज में ट्रेन की चपेट में आने से गुलदार की मौत हो गई थी। जबकि इसी वर्ष के शुरुआत में एक हाथी भी ट्रेन की चपेट में आने से मर गया था। वहीं, सितंबर में भेल सेक्टर पांच में गुलदार का मृत शावक मिला था। मनसा देवी मंदिर के पास भी एक मृत गुलदार मिला था।