केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा गिरने से हुई छात्रा की मौत पर गुस्साए लोगों ने गुरुवार को भी राजमार्ग पर जाम लगाया है। बुधवार को सड़क पर मलबा आने से एक छात्रा की मौत हो गई थी।
बीआरओ और पुलिस को जिम्मेदार माना
इस हादसे के लिए लोगों ने बीआरओ और पुलिस को जिम्मेदार माना है। लोगों का कहना है कि बीआरओ काम करते वक्त ध्यान नहीं देता है कि कहां काम करना है।
जबकि यहां पर हर समय जाम लगता रहता है। उन्होंने कहा स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कर्मियों को यहां तैनात किया जाना चाहिए था।
इससे पहले बुधवार को हादसे के बाद प्रदेश मीडिया सलाहकार समिति के पूर्व उपाध्यक्ष अजेंद्र अजय और पूर्व कनिष्ठ उप प्रमुख रमेश बेंजवाल ने मृतक छात्रा के परिजनों को पांच लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की मांग की। उन्होंने कहा कि लापरवाही के लिए बीआरओ के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
तीन घंटे यातायात अवरुद्ध रहा
हादसे के कारण बुधवार को केदारनाथ हाईवे पर करीब तीन घंटे यातायात अवरुद्ध रहा। शाम करीब छह बजे मलबे की सफाई के बाद यातायात खुला। 16/17 जून को मंदाकिनी नदी की बाढ़ से पुराना देवल-विजयनगर के बीच करीब 700 मीटर पैच में सड़क बह गई थी।
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यहां पर बीआरओ ने अस्थायी रूप से सड़क को यातायात के लिए खोली है। मार्ग के सुधारीकरण के लिए बीआरओ हिल कटिंग कर रहा है। बुधवार को भी पुराना देवल में जेसीबी से मलबा हटाया जा रहा था। अपराह्न करीब तीन बजे बच्चे छुट्टी के बाद घर जा रहे थे।
मौके पर ही तोड़ दिया दम
इस दौरान जेसीबी ऑपरेटर ने कुछ देर काम रोक लोगों से जाने को कहा। लेकिन अचानक पहाड़ी दरकने से मलबा लोगों के ऊपर गिर गया। बनियाड़ी निवासी शरादू लाल की 15 वर्षीय पुत्री वंदना ने वहीं पर दम तोड़ दिया। वह जीजीआईसी अगस्त्यमुनि में कक्षा नौ में पढ़ती थी।
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वहीं घटना में घायल तीन छात्राओं को सीएचसी में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। हादसे में घायल 60 वर्षीय जसपाल निवासी कंडारा को सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। हादसे से आक्रोशित लोगों ने जेसीबी ऑपरेटर की पिटाई कर दी।
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