जो काम ट्रैफिक पुलिस चालान काटकर नहीं कर सकती, वह काम बच्चों की दृढ़ता और प्यार कर सकता है।
बच्चे अपने परिवार के सदस्यों को यातायात नियमों का पालन कराने के लिए प्रेरित करें। यदि घर-घर से यह प्रयास होगा तो हादसों का ग्राफ खुद ही नीचे आ जाएगा। पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक प्रदीप राय सोमवार को जीआरडी एकेडमी में ‘अमर उजाला’ की पुलिस पाठशाला में छात्र-छात्राओं को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया।
उन्होंने अपने बचपन के अनुभव साझा किए। कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस आसानी से मिल जाता है, जिसका युवा वर्ग दुरुपयोग कर सड़कों पर स्टंट के साथ बेलगाम स्पीड से वाहन दौड़ाते हैं। खुद तो अपनी जिंदगी दांव पर लगाते हैं, दूसरों के जीवन से खिलवाड़ करते हैं।
उन्होंने कहा कि चिंताजनक बात यह है कि हादसों में मरने वाले अधिकतर लोग 18 से 30 साल की आयु वाले हैं। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि कम से कम अपने पिता, भाई, बहन, चाचा और परिचितों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें। जीआरडी एकेडमी के प्रधानाचार्य राजन सेठी और प्रशासनिक अधिकारी बीएम कंडवाल ने बच्चों को यातायात के प्रति जागरूक करने पर आभार जताया।
इन नियमों का करें पालन
हेलमेट के बिना वाहन न चलाएं
वाहन चलाते समय फोन पर बात न करें
एक वाहन पर तीन सवारी से करे परहेज
हाईवे पर वाहनों को ओवरटेक करने में न करे जल्दबाजी
रेड लाइट को जंप करने की गलती न करें
अस्पतालों के आसपास हार्न न बजाएं
तेज आवाज वाले हार्न का प्रयोग न करें
निर्धारित स्पीड से अधिक वाहन न दौड़ाएं
1090 पर करें कॉल
एसपी ट्रैफिक ने छात्राओं से कहा कि अगर कोई सड़क अथवा बस में उनके साथ गलत व्यवहार करे तो वह तत्काल 1090 पर कॉल करें। पुलिस सहायता के लिए पहुंच जाएगी।