सीएम आवास कूच में उमड़ी भीड़ ने दिखा दिया कि नारी निकेतन प्रकरण में आम महिलाओं में भयंकर आक्रोश दिखा।
भाजपा महिला मोर्चा के कूच में आम महिलाओं की बड़ी संख्या नजर आई। भाजपा के विरोध प्रदर्शन को कई हद तक सफल बनाने में इन महिलाओं की बड़ी भूमिका रही। भाजपा नेता भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं।
नारी निकेतन में मूक बधिर संवासिनी से दुराचार और गर्भपात की घटना की सीबीआई जांच की मांग पर सोमवार को सीएम आवास कूच के लिए भाजपा महिला मोर्चा पिछले कई दिनों से रणनीति बना रहा था। मोर्चा के प्रदेश और जिला स्तर की पदाधिकारियों को अधिक से अधिक संख्या में महिलाओं को एकजुट करने का जिम्मा दिया गया था, लेकिन जिस तरह से मोर्चा कार्यकत्रियों के अलावा आम महिलाओं का हुजूम कूच में पहुंचा, उसकी उम्मीद भाजपा को भी नहीं रही होगी।
रैली को प्रदेश की महिला मोर्चा के अब तक के बड़े विरोध प्रदर्शनों में शामिल माना जा रहा है। रैली में करीब आठ हजार लोगों के शामिल होने की सूचना है।
सीएम आवास कूच में जहां एक तरफ यमकेश्वर विधायक विजय बड़थ्वाल, केदारनाथ की पूर्व विधायक आशा नौटियाल समेत बड़ी महिला नेत्रियां शामिल हुईं, वहीं रुद्र्रप्रयाग, रुड़की, पिथौरागढ़, रुद्रपुर, पौड़ी, टिहरी और चमोली आदि जगहों से भी बड़ी संख्या में आम महिलाएं शामिल हुईं। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष मंजू तिवारी भी मान रही हैं कि रैली में भाजपा कार्यकर्ताओं से कई ज्यादा आम महिलाओं की संख्या थी।
घायलों को अस्पताल में नहीं मिला उपचार
मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान घायल हुए भाजपा महिला कार्यकर्ताओं को दून अस्पताल में उपचार नहीं मिल पाया। घायल कार्यकर्ताओं को टिटनेस के इंजेक्शन तक नहीं लग पाए। इस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। बाद में अस्पताल पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने मुख्य सचिव को फोन कर नाराजगी जताई।
सोमवार को मुख्यमंत्री आवास कूच कर रहे भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकत्रियों की पुलिस के साथ जमकर धक्कामुक्की हुई। इस संघर्ष में कई महिलाएं घायल हो गईं। घायलों को लेकर अन्य कार्यकर्ता दून अस्पताल पहुंचे, लेकिन उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। अस्पताल की इमरजेंसी में टिटनेस समेत कई दवाएं नहीं होने के कारण चिकित्सकों ने घायलों को अन्यत्र ले जाने की सलाह दी। इस पर कार्यकर्ता भड़क गए।
उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को फोन कर इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे अजय भट्ट ने मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह को फोन कर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सालय में आवश्यक दवाएं ना होना सरकार की असफलता है। जब राजधानी के अस्पतालों में यह हाल है तो दूरस्थ क्षेत्रों की हालत का खुद अंदाजा लगाया जा सकता है।
महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने अस्पताल की पीएमएस डा. आरएस असवाल पर मरीजों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि भाजपाई अब दून अस्पताल की अव्यवस्थाओं के खिलाफ आंदोलन करेंगे। इसके बाद कार्यकर्ताओं को कोरोनेशन समेत अन्य अस्पताल पहुंचाया गया।
जुलूस के वजह से दिन में राहत शाम को आफत
भाजपा महिला मोर्चा के सीएम आवास कूच के दौरान तो देहरादून में राहत रही। इसकी बहुत बड़ी वजह जाम के अंदेशे में लोगों ने घरों से निकलने से परहेज किया, लेकिन शाम को प्रदर्शनकारियों की वापसी और ट्रैफिक दबाव ने जाम से दो-चार करा ही दिया।
इसी बीच आढ़त बाजार में सेना के एक ट्रक के खराब होने के कारण महाराजा अग्रसेन चौक तक लंबा जाम लग गया। बाद में क्रेन से ट्रक हटवाकर यातायात सुचारु कराया गया। दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को सरकारी ऑफिस खुलने के बाद भी ट्रैफिक का ज्यादा दबाव नजर नहीं आया।
अवकाश के बाद सोमवार को सरकारी ऑफिस खुलने के बाद भी ट्रैफिक का ज्यादा दबाव नजर नहीं आया। पुलिस ने पहले ही अलर्ट जारी कर लोगों से जुलूस मार्ग से परहेज करने का अनुरोध किया था। अपील का असर भी दिखा, एक बजे से पहले स्कूलों की छुट्टी होने के कारण यातायात नियमित रूप से चलता रहा।
भाजपाइयों के जुलूस को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त सतर्कता बरती और ट्रैफिक को सुविधा के अनुसार ही संचालित कराया। जुलूस के दौरान घंटाघर से राजपुर जाने वाला यातायात जरूर रोका गया था। जुलूस लंबा होने के कारण लंबी कतार लग गई थी।
शाम को भाजपाइयों के वापस लौटने के सिलसिले के साथ ही सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ा और हर ओर जाम के हालात हो गए। दिलाराम चौक, घंटाघर, दर्शनलाल चौक, महाराजा अग्रसैन चौक, सहारनपुर चौक पर जाम लग गया।
इसी बीच आढ़त बाजार में सेना का एक ट्रक खराब हो गया, इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गई। बाद में क्रेन लगाकर ट्रक को हटवाया गया, तब जाकर कुछ स्थिति सामान्य हो सकी।
ट्रैफिक डायवर्ट प्लान और जनमानस के सहयोग की बदौलत जुलूस के दौरान कही भी जाम की नौबत नहीं आई। तीन मार्गों का कुछ समय के लिए ट्रैफिक डायवर्ट जरूर किया गया था। शाम को सेना का ट्रक खराब हो जाने से थोड़ा दिक्कत हुई। चालान करने के साथ उसे क्रेन से हटवाया गया।
- धीरेन्द्र गुंज्याल, एसपी ट्रैफिक