इससे कम से कम लोग स्लोप पर चलेंगे। उन्होंने बताया कि औली स्लोप की बर्फ जल्द पिघलने से शीतकाल में स्कीइंग प्रतियोगिता के आयोजन में दिक्कतें आ सकती है। लिहाजा स्लोप पर कम आवाजाही के लिए शुल्क का प्रावधान किया गया है।
औली स्लोप में आवाजाही और स्कीइंग पर शुल्क वसूलने को स्थानीय लोगों ने अनुचित बताया। कहा गया कि औली में घूमने पर शुल्क लिया जाना उचित नहीं है। इस फरमान को ज्लद वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़, पर्यटन व्यवसायी विवेक पंवार, संतोष कुंवर, राकेश घिंडियाल और दिनेश भट्ट का कहना है कि औली में बर्फ का मजा लेने और सैर-सपाटे के लिए सैकड़ों लोग पहुंचते हैं। यदि शुल्क लिया जाएगा तो पर्यटकों की संख्या में गिरावट आ जाएगी।