सैलानियों की इस भीड़ के आगे यातायात समेत अन्य व्यवस्थाएं धड़ाम हो जाती हैं। पिछले साल नैनीताल में इतने सैलानी उमड़े कि प्रशासन को रानीबाग, कालाढूंगी और भवाली की ओर से नैनीताल आने वाले पर्यटकों को दूसरे पिकनिक स्पाटों की ओर डायवर्ट करना पड़ा था।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पिछले साल नैनीताल में होटल एसोसिएशन ने कार पार्क नैनी नामक एप बनाया गया था। इस एप के माध्यम से सैलानी नैनीताल में पार्किंग स्थल की भी एडवांस बुकिंग करा सकते थे लेकिन उक्त एप वर्तमान में काम नहीं कर रहा है। शहर के प्रमुख होटल व्यवसायी वेद साह के मुताबिक इस एप में कुछ सुधार होने थे। सुधार कार्य कर इसे अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास चल रहा है।
नैनीताल के अलावा जिले में कई ऐसे पर्यटन क्षेत्र हैं जो सैलानियों का मन मोह सकते हैं। इनमें भीमताल, नौकुचियाताल, सातताल, भवाली, रामगढ़, मुक्तेश्वर, धारी, धानाचूली आदि शामिल हैं। यह पिकनिक स्पाट नैसर्गिक सौंदर्य से ओतप्रोत होने के साथ यहां अच्छे होटल, रिसोर्ट्स और रेस्टोरेंट भी हैं।
31 दिसंबर जैसे मौके पर नैनीताल में पार्किंग पैक होने के बाद गाड़ियां सड़क पर खड़ी होती हैं, जिससे अव्यवस्था के साथ सैलानियों को परेशानी भी होती है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए नैनीताल के पार्किंग स्थलों के पैक होने पर नैनीताल आने वाले उन्हीं वाहनों को प्रवेश करने दिया जाएगा, जिनके पास उन होटलों की बुकिंग होगी जहां पार्किंग की सुविधा है। भीड़ बढ़ने पर सैलानियों को दूसरे पिकनिक स्पाटों की ओर डायवर्ट भी किया जा सकता है।
-विनोद कुमार सुमन, डीएम नैनीताल