बीते दिनों गोमुख क्षेत्र में बारिश के कारण गंगा भागीरथी का जलस्तर बढ़ने से तपोवन की ओर से लौट रहे कुछ पर्यटक गोमुख के पास फंस गए।
इन पर्यटकों को भोजवासा में तैनात एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। इस घटना के बाद भोजवासा में गंगा भागीरथी पार करने के लिए शीघ्र ट्राली लगाने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
एसडीआरएफ सब इंस्पेक्टर रविंद्र ने बताया कि बीते 1 मई को भोजवासा में तैनात एसडीआरएफ की टीम को कुछ पर्यटकों के गोमुख के पास गंगा भागीरथी के बायीं ओर फंसे होने की सूचना मिली। ये पर्यटक तपोवन की ओर से लौट रहे थे।
रस्सी के सहारे रीवर क्रॉसिंग कराकर सुरक्षित बचाया
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दोपहर बाद करीब तीन बजे गंगा भागीरथी में पानी बढ़ने के कारण ये लोग नदी पार कर मुख्य रास्ते तक नहीं पहुंच पाए थे।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने वहां फंसे गुजरात के छह पर्यटक, दो स्थानीय गाइड एवं दस नेपाली पोर्टरों को रस्सी के सहारे रीवर क्रॉसिंग कराकर सुरक्षित इस ओर निकाला।
रेस्क्यू टीम में एसडीआरएफ के हेड कांस्टेबल हरीश बंगारी, कांस्टेबल रविंद्र चंद, धीरज सिंह, दीपक कुमार, महेश चंद एवं पैरा मेडिक्स संजय कुमार शामिल थे।
ग्लेशियर के मुहाने गोमुख में भूस्खलन के कारण रास्ता जोखिम भरा
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कुछ दिन पहले ही तपोवन से लौटे स्नो स्पाइडर ट्रैक एंड टूर एजेंसी के संचालक भागवत सेमवाल ने बताया कि गंगोत्री ग्लेशियर के मुहाने गोमुख में गंगा भागीरथी के दाहिने छोर पर भूस्खलन के कारण रास्ता जोखिम भरा हो गया है।
इस वजह से पर्यटक नदी में पानी कम होने पर नदी पार कर दूसरे छोर से आवाजाही करते हैं। ऐसे में पानी बढ़ने पर वे नदी पार नहीं कर पाए।
इस स्थिति को देखते हुए भोजवासा में गंगा भागीरथी पार करने के लिए ट्राली लगाई जानी चाहिए। ताकि दूसरे छोर से सुरक्षित रास्ते से होकर आम पर्यटक आवाजाही कर सकें। प्रशिक्षित ट्रैकर्स एवं पर्वतारोहियों के लिए यहां कोई दिक्कत नहीं है।