उत्तराखंड पर्यटन विभाग का टूरिस्ट गाइड मैप (पर्यटन मानचित्र) पर्यटकों को मिसगाइड कर रहा है। टूरिस्ट मैप में दर्शाई गई आधी अधूरी जानकारी के कारण पर्यटकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कुछ पर्यटकों ने पर्यटन विभाग से इस पर आपत्ति जताई है।
दिल्ली निवासी एक मल्टीनेशनल कंपनी के कुछ सदस्य पिछले दिनों गढ़वाल भ्रमण पर आए। देहरादून पहुंचकर उन्होंने गांधी रोड स्थित क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय से टूरिस्ट मैप लिया। मसूरी समेत गढ़वाल के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करने के बाद मंगलवार को वे फिर क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय पहुंचे।
उन्होंने अमर उजाला संवाददाता को भी मैप में अपूर्ण जानकारी होने की बात बताई। पड़ताल करने पर पता लगा कि मैप में एक-दो नहीं बल्कि कई गलतियां हैं। कौन पर्यटन स्थल किस स्थान से कितनी दूरी पर है, मैप में इसकी जानकारी पूरी तरह से गायब है। मुख्य टूरिस्ट मैप में पौड़ी जिले में स्थित खूबसूरत पर्यटक स्थल खिर्सू दर्शाया ही नहीं गया है। जबकि खिर्सू में जीएमवीएन का पर्यटक विश्राम गृह भी है।
नचिकेता ताल और देवरिया ताल सड़क के पास दर्शाए गए हैं, जबकि वहां तक सड़क नहीं बल्कि पैदल ट्रैक है। फाटा में हैलीपैड नहीं दर्शाया गया है। जहां से हर सीजन में पिछले कई साल से विभिन्न हैली कंपनियां हैलीकाप्टर की सेवाएं देती हैं। इसके अलावा, कुछ जगह पैट्रोल पंप भी गलत दर्शाए गए हैं।
दिल्ली में उत्तराखंड पर्यटन के लायजनिंग अफसर शील कुमार गुप्ता ने बताया कि जो गलतियां हैं, उन्हें दूर कराया जाएगा। इस बारे में संबंधित अधिकारियों और कार्यालयों को भी सूचित किया जा रहा है कि पर्यटकों को अपने स्तर से भी जरूरी जानकारी दी जाए।