ऊर्जा निगम में ऑनलाइन कनेक्शन की योजना उपभोक्ताओं के लिए आफत बन गई है। वेबसाइट न खुुलने, सर्वर हमेशा डॉउन रहने, कई कार्यालयों में कनेक्टिविटी की परेशानी के कारण लोग परेशान हैं। लोगों को या तो बार-बार कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं या साइबर कैफों में जाकर अपने खर्च पर आवेदन करना पड़ रहा है। लेकिन इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। अंत में उन्हें निगम कार्यालय जाकर सभी औपचारिताएं पूरी करनी पड़ रही हैं।
अप्रैल माह से ऊर्जा निगम ने घरेलू और व्यवसायिक बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया आनलाइन कर दी है। इसके लिए सॉफ्टवेयर अपटेड करने के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए। लेकिन, न वेबसाइट ठीक से खुल रही है और न ही उपभोक्ता के प्रमाणपत्र अपलोड हो पा रहे हैं। यहीं नहीं व्यवस्था सेंट्रललाइज होने के कारण प्रमाणपत्र दूसरे डिवीजन पहुंच रहे हैं। कनेक्शन न मिलने पर उपभोक्ता दोबारा कार्यालय पहुंचता है तो फिर उसके आवेदन की तलाश शुरू होती है।
केस नंबर-एक
मोथरोवाला निवासी मुकेश सिंह पुंडीर ने साइबर कै फे से बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। काफी दिनों बाद भी कनेक्शन नहीं मिला तो उन्हें निगम कार्यालय जाकर प्रमाणपत्र जमा करवाने पड़े। इसके बाद ही उन्हें कनेक्शन मिल पाया।
केस नंबर-दो
बनियावाला निवासी मोहन सिंह ने व्यवसायिक कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। कनेक्शन नहीं मिला तो वह निगम कार्यालय पहुंचे। पता चला कि उनके प्रमाणपत्र दूसरे डिवीजन में जमा हो गए थे। उन्हें भी प्रमाणपत्र वहीं जमा कराने पड़े।
इस प्रकार की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। सॉफ्टवेयर नया है, इसलिए परेशानी हो रही है। समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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बीसीके मिश्रा, प्रबंध निदेशक यूपीसीएल