राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, देवथला में शौचालयों की स्थिति ठीक नहीं है। शौचालय चोक हो रखे हैं और गंदगी पसरी है। विद्यालय भवन की स्थिति भी ठीक नहीं है। जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ रहा है। बरसात में छत से पानी टपकता है। दीवारों पर सीलन भी आती है।
राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवथला में चार शौचालय बने हैं। जिसमें से एक बालिका, एक बालक, एक दिव्यांग और एक शिक्षक शौचालय है। जिसमें से दो शौचालयों में सफाई न होने के चलते गंदगी पसरी पड़ी है। जबकि, एक शौचालय चोक हो गया है। छात्रों को गंदगी से भरे शौचालयों का प्रयोग करना पड़ रहा है।
वहीं, विद्यालय भवन की हालत भी ठीक नहीं है। जगह-जगह से उखड़ रहा प्लास्टर छात्रों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। स्थिति यह है कि कई बार पढ़ाई के समय ही प्लास्टर गिरने लगता है। ऐसे में विद्यालय में अध्ययनरत 38 छात्र-छात्राओं के साथ कभी भी कोई घटना घट सकती है। शिक्षा विभाग सारी स्थिति जान कर भी अनजान बना है। बरसात में छत से टपकता पानी और दीवारों पर आने वाली सीलन की दुर्गंध की समस्या से छात्र-छात्राओं को दो चार होना पड़ता है।
विद्यालय प्रबंधक समिति की अध्यक्ष पिंकी ने बताया कि इन सभी समस्याओं से विभाग को अवगत कर दिया गया है। लेकिन, विभाग न तो शौचालय और न ही भवन की मरम्मत कर रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यालय की छात्र संख्या पहले से कही कम है। यहीं हाल रहा तो यह छात्र संख्या और घट जाएगी।
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विद्यालय भवन मरम्मत के लिए प्रस्ताव मांगा जाएगा। शौचालय की सफाई व्यवस्था का ध्यान विद्यालय को रखना होता है। इसके लिए विद्यालय को निर्देशित किया जा रहा है। - अवनींद्र बड़थ्वाल, प्रभारी बीईओ