इस योजना में न्यायालय में विचाराधीन विवादों, जांच में लंबित मामलों और न्यायालय से टैक्स विवाद का केस हार चुके व्यापारी भी आवेदन कर सकते हैं। विवादित मामले में 50 लाख तक टैक्स पर 70 प्रतिशत और 50 लाख से अधिक के मामले में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
बकाया राशि के मामले में 50 लाख तक 60 प्रतिशत और अन्य मामलों में 40 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। पुराने लंबित मामलों को निपटाने के लिए पहली बार व्यापारियों को बड़ी छूट दी गई है। अब तक 652 मामलों का निपटाने के लिए व्यापारियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। केंद्रीय जीएसटी कार्यालय के संयुक्त आयुक्त अमित गुप्ता ने बताया कि 30 दिसंबर तक 652 मामलों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। अंतिम तारीख तक आवेदनों की संख्या बढ़ सकती है।