गोपेश्वर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 15 हजार फीट ऊंचाई तक पहुंचकर चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी के जवानों को कोरोना का टीका लगाया। टीकाकरण के लिए टीम बर्फ के बीच अग्रिम चौकी गमशाली तक गई, जबकि कुछ चेक पोस्ट से जवान टीकाकरण के लिए मलारी पहुंचे थे। दो दिन तक चले अभियान में 500 से अधिक जवानों को कोरोना का टीका लगा।
सीमा पर तैनात जवानों को टीकाकरण के लिए कोविड सेंटर में बुलाना व्यावहारिक नहीं था, जिसके चलते डीएम स्वाति एस भदौरिया के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने तीन-तीन सदस्यों और एक डॉक्टर की टीम को दो दिनों के लिए मलारी भेजा।
टीम रैणी में ट्रॉली से सामग्री लेकर नदी पार कर वाहनों से मलारी पहुंची, जहां 30 से 35 किमी पैदल वाली पोस्ट से जवान टीकाकरण के लिए पहुंचे। यहां 225 से अधिक जवानों का टीकाकरण किया गया।
दूसरे दिन मौसम खराब होने और बर्फ के कारण अग्रिम चौकी से जवानों का मलारी पहुंचना मुश्किल था। निर्णय लिया गया कि टीम को अग्रिम पोस्ट पर भेजा जाए। सुरक्षा बलों के वाहन से टीम के पांच सदस्य भारी बर्फ के बीच गमशाली पोस्ट पर पहुंचे, जहां करीब 30 जवानों को कोरोना का टीका लगाया गया। पूरे अभियान में 15 हजार फीट ऊंचाई पर लपथल पोस्ट में 55, छुजन में 35, संजूतला में 35 सहित सुमना और मलारी में 500 से अधिक जवानों का टीकाकरण किया गया।
वहीं आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट एचएस गुरुंग ने जवानों के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग का आभार जताया। स्वास्थ्य विभाग की टीम में चिकित्सा अधिकारी डा. हरीश थपलियाल, जिला वैक्सीन कोल्ड चेन प्रबंधक महेश देवराडी, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी उदय रावत, एएनएम लक्ष्मी, कौशल्या, अनिता और बीपीएम विनय बहुगुणा शामिल थे।