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ट्रेन में फंसकर 150 मीटर घिसटती रही बाघिन, मौत

Sat, 29 Nov 2014 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, काशीपुर (ऊधमसिंहनगर)
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उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में काशीपुर-रामनगर रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटकर एक उम्रदराज बाघिन की मौत हो गई। वन विभाग के डीएफओ सहित तमाम अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
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बाद में वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश अग्रवाल, वन विभाग के डॉ. दुष्यंत सहित तीन डाक्टरों के पैनल ने हेमपुर डिपो में बाघिन का पोस्टमार्टम किया। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि बाघिन ट्रेन से करीब 150 मीटर तक घसीटती हुई चली गई थी।

शुक्रवार तड़के 4.30 बजे दिल्ली से रामनगर जा रही ट्रेन से काशीपुर से सात किलोमीटर दूर ग्राम गढ़ीगंज के पास ट्रेन से कटकर बाघिन की मौत हो गई। रेलवे ट्रैक से लगभग सात फीट लंबी बाघिन का सिर और धड़ अलग-अलग मिला। जबड़ा भी बुरी तरह से कुचल गया था। अगला एक और पिछला एक पैर कट गया। उम्रदराज होने से उसके बाल काफी झड़ चुके थे। बदन पर पुराने रगड़ के निशान थे।
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बाघ‌िन की उम्र लगभग 9-10 साल

घटनास्थल के रेलवे लाइन के पार सेना का हेमपुर डिपो का क्षेत्र है। इस क्षेत्र में ऊंची-ऊंची घास है, जो जंगली जानवरों के लिए अनुकूल हैं। डिपो कमांडेंट की सूचना पर डीएफओ राहुल, एसडीओ (जसपुर) डीपी सिंह, रेंजर आमपोखरा जगमोहन सहित तमाम वनाधिकारी मौके पर पहुंच गए। मृत बाघिन को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

एसडीओ डीपी सिंह ने बताया कि बाघिन की उम्र लगभग 9-10 साल है। वैसे किसी टाइगर के जीवित रहने की उम्र लगभग 12 साल होती है। डीएफओ राहुल ने कहा कि टाइगर कार्बेट नेशनल पार्क क्षेत्र में रहते हैं।

हेमपुर डिपो के इलाके में गुलदार दिखाई देने की सूचना तो मिलती रहती हैं, लेकिन टाइगर नहीं दिखाई देता। इसके भटक कर आने की आशंका है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कैमरे लगाने पर विचार किया जाएगा।
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मौत की होगी जांच, हो सकते हैं बच्चे

डीएफओ ने बताया कि बाघिन की मौत की जांच की जाएगी। उनको सूचना हेमपुर डिपो के कंमाडेंट ने दी है, परंतु रेलवे ने कोई सूचना नहीं दी। जबकि दुर्घटना ट्रेन से हुई है।

हेमपुर डिपो का कर्मचारी सुरेश घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर रहता है। उसने डीएफओ राहुल को बताया कि वह आज सुबह लगभग 7.30 बजे वह रेलवे लाइन पर ग्रामीणों की भीड़ देखकर घटनास्थल पर पहुंचा। बाघिन का शव रेलवे लाइनों के बीच पड़ा था। उसने ग्रामीणों की मदद से उसके शव को रेलवे लाइन के किनारे रख दिया और कमांडेंट का सूचना दी।

एसडीओ सिंह ने बताया कि बाघिन अकेले बहुत कम दिखाई देती है। उसके साथ उसके बच्चे रहते हैं। हो सकता है कि उसके बच्चे भी होंगे, जो दुर्घटना के बाद आसपास छिप गए होंगे।
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