पहली बार देहरादून डिविजन में कैमरा ट्रैप लगाया गया
देहरादून फॉरेस्ट डिविजन में पहली बार कैमरा ट्रैप लगाकर बाघों के आकलन का प्रयास किया गया। यहां 43 फोटो में तीन बाघों की पहचान की गई। यहां भी पर्याप्त कैमरा टाइप की फोटो और अपर्याप्त रीकैप्चर्ड फोटो के चलते बाघों की संख्या को अनुमान में शामिल नहीं किया गया। पहली बार नरेंद्र नगर डिविजन और कालसी भू संरक्षण वन प्रभाग में भी कैमरा ट्रैप लगाया गया लेकिन यहां बाघ की फोटो प्राप्त नहीं हुई।
यहां के बाघों की गणना की गई
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, राजाजी टाइगर रिजर्व, तराई पश्चिमी, लैंसडौन वन प्रभाग कैमरा ट्रैप लगाए गए। इसी तरह हल्द्वानी, तराई केंद्रीय, तराई पश्चिमी, नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, कालसी भू संरक्षण, देहरादून, नरेंद्र नगर, तराई पूर्वी वन प्रभाग में बाघों का आकलन किया गया।
वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के निदेशक से बातचीत हुई है। जल्द ही एक समीक्षा बैठक होगी जो परिवर्तन अपेक्षित होंगे, वह किए जाएंगे।
-समीर सिन्हा, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव