बाघ को नरभक्षी घोषित करने की मांग
लैंसडौन विधानसभा के दो गांवों में दो लोगों को निवाला बनाने व दशहत का पर्याय बने बाघ को नरभक्षी घोषित कर उसे शूट करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्रवासियों ने विधायक लैंसडौन से हमलावर बाघ के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। कहा कि बाघ के कारण लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। पूरे क्षेत्र के लोग दिन ढलते ही घरों में कैद हो जा रहे हैं। लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
कांग्रेस नेत्री अनुकृति गुसांई रावत व पूर्व प्रदेश महामंत्री रंजना रावत ने राज्य सरकार पर क्षेत्र की घोर अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि कार्बेट से निकलकर बाघ ने दो लोगों को निवाला बना लिया है। कई दिनों से बाघ क्षेत्र में घूम रहे थे, यदि समय से कार्रवाई की गई होती तो लोगों की जान बच सकती थी। कहा कि अब भी त्वरित कार्रवाई करते हुए हमलावर बाघ को नरभक्षी घोषित किया जाना चाहिए। कहा कि इन बाघों से अन्य लोगों पर हमले की आशंका बनी हुई है। मेलधार के प्रधान खुशेंद्र सिंह, सिमली के प्रधान सतेंद्र सिंह रावत, उमटा की प्रधान लक्ष्मी देवी व ग्राम प्रधान संगठन की ओर से भी हमलावर बाघ को नरभक्षी घोषित करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। विधायक दिलीप रावत ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों को बाघ के आतंक से निजात दिलाने के लिए हर संभव कार्रवाई के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि बाघ के हमले के मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। प्रभावित क्षेत्र के लोगों में आक्रोश होना स्वाभाविक है।
डीएम ने डीएफओ को दिए पिंजरों व कैमरा ट्रैप की संख्या बढ़ाने के निर्देश
दुगड्डा। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को दुगड्डा लोनिवि गृह में राजस्व व वन अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने तहसील रिखणीखाल व घुमाकोट क्षेत्र में सक्रिय बाघ को देखते हुए संबंधित क्षेत्र के डीएफओ को क्षेत्र में पिंजरों व कैमरा ट्रैप की संख्या बढ़ाने, जिम कार्बेट के विशेषज्ञों से संपर्क कर दो ट्रेंकूलाइजर टीम भेजने, मुख्य मानकों के साथ 10 किमी परिधि का जीपीएस मैप तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही घटना स्थल पर तैनात फॉरेस्ट कर्मियों को पटाखे उपलब्ध कराने, क्षेत्र में फॉरेस्ट गार्ड की संख्या बढ़ाने व बाघ के पकड़े जाने तक क्षेत्र के ग्रामीणों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।