फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कॉर्बेट नेशनल पार्क में साल दर साल बढ़ रहा बाघों का कुनबा, अब तक 260 पहुंच चुकी संख्या

Fri, 22 Nov 2019 09:03 AM IST
अलका त्यागी जीवन कुमार, अमर उजाला, रामनगर (नैनीताल)

सार

  • 2014 में 215 बाघ रिकॉर्ड हुए थे, अब यह संख्या हो गई 260 
  • 04 सालों में कॉर्बेट पार्क के अंदर 45 बाघ बढ़े
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कॉर्बेट नेशनल पार्क में बाघों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई। 2014 में कार्बेट पार्क में जहां 215 बाघ रिकॉर्ड किए गए थे, वहीं 2019 में यह आंकड़ा बढ़कर 260 हो गया है। चार सालों में 45 बाघ बढ़ने से कॉर्बेट प्रशासन गदगद है। हालांकि क्षेत्रफल के लिहाज से ज्यादा बाघों की सुरक्षा पार्क प्रशासन के लिए चुनौती भी बन सकती है।

विज्ञापन


15 नवंबर 2018 से 15 फरवरी 2019 तक तीन महीने के दौरान डब्ल्यूआईआई ने नेशनल जिम कार्बेट पार्क में कर्मचारियों की मदद से कैमरा ट्रैप लगाए थे। जनवरी के पहले सप्ताह में करीब छह सौ कैमरों की मदद से ट्रैप हुआ डाटा एकत्र किया गया।

इन कैमरों में करीब दो लाख वन्यजीवों की फोटो कैद हुई थी। एक सप्ताह तक टाइगर सेल में फोटो के विश्लेषण का काम चला। इसके बाद कॉर्बेट प्रशासन की ओर से पूरी रिपोर्ट वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) को भेज दी गई। 29 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में देश में बाघों की संख्या 2967 बताई थी और उत्तराखंड में 442 बाघ होने की बात कही गई थी।
विज्ञापन


प्रदेश में 442 बाघ तो रिकॉर्ड किए गए, लेकिन कॉर्बेट में कितने बाघ हैं, यह पता नहीं चला था। डब्ल्यूआईआई के मुख्य वैज्ञानिक यादवेंद्र देव झाला ने पूछने पर बताया कि कॉर्बेट में 260 बाघ रिकॉर्ड किए गए हैं।

विज्ञापन

साल दर साल बढ़ रही बाघों की संख्या

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में साल दर साल बाघों की संख्या बढ़ती जा रही है। 2006 में जहां बाघों की संख्या 150 थी, वहीं 2010 में 184 और 2014 में 215 दर्ज की गई। 2019 में हुई गणना के अनुसार अब कॉर्बेट पार्क के अंदर बाघों की संख्या 260 हो गई है। इससे साफ है कि कॉर्बेट पार्क बाघों के अनुकूल है।

12 स्क्वायर किमी के एरिया में रहता है एक बाघ
वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर दीप रजवार के अनुसार माना जाता है कि एक बाघ 12 स्क्वायर किमी के एरिया में रहता है। एक बाघ के एरिया में तीन से चार बाघिन होती हैं। जैसे-जैसे बाघों की संख्या बढ़ रही है, उसी तरह इनका क्षेत्रफल सीमित हो रहा है। इससे आपसी संघर्ष की घटनाएं हो रही हैं। कॉर्बेट नेशनल पार्क का क्षेत्रफल 1288.32 स्क्वायर किमी में फैला हुआ है। बाघों की संख्या बढ़ने से सुरक्षा को लेकर कार्बेट पार्क प्रशासन की चुनौती भी बढ़ सकती है।

फेज चार में बाघों की गणना का कार्य शुरू
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में फेज चार की गणना शुरू हो गई है। सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि 15 नवंबर से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में स्थानीय वन कर्मियों की टीम बाघों की गणना में जुट गई है। इसके लिए 2 स्क्वायर किमी के दायरे में पेयर कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। तीन महीने तक गणना का कार्य चलेगा। यह गणना प्रत्येक वर्ष की जाती है।

कॉर्बेट नेशनल पार्क में 260 बाघों को रिकॉर्ड किया गया है। चार साल के भीतर 45 बाघों का बढ़ना यह दर्शाता है कि बाघ संरक्षण के लिए बेहतर कार्य किए गए हैं। बाघों के लिए कॉर्बेट पार्क सबसे मुफीद स्थान है। 
-यादवेंद्र देव झाला, मुख्य वैज्ञानिक डब्ल्यूआईआई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें