जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में साल दर साल बाघों की संख्या बढ़ती जा रही है। 2006 में जहां बाघों की संख्या 150 थी, वहीं 2010 में 184 और 2014 में 215 दर्ज की गई। 2019 में हुई गणना के अनुसार अब कॉर्बेट पार्क के अंदर बाघों की संख्या 260 हो गई है। इससे साफ है कि कॉर्बेट पार्क बाघों के अनुकूल है।
12 स्क्वायर किमी के एरिया में रहता है एक बाघ
वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर दीप रजवार के अनुसार माना जाता है कि एक बाघ 12 स्क्वायर किमी के एरिया में रहता है। एक बाघ के एरिया में तीन से चार बाघिन होती हैं। जैसे-जैसे बाघों की संख्या बढ़ रही है, उसी तरह इनका क्षेत्रफल सीमित हो रहा है। इससे आपसी संघर्ष की घटनाएं हो रही हैं। कॉर्बेट नेशनल पार्क का क्षेत्रफल 1288.32 स्क्वायर किमी में फैला हुआ है। बाघों की संख्या बढ़ने से सुरक्षा को लेकर कार्बेट पार्क प्रशासन की चुनौती भी बढ़ सकती है।
फेज चार में बाघों की गणना का कार्य शुरू
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में फेज चार की गणना शुरू हो गई है। सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि 15 नवंबर से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में स्थानीय वन कर्मियों की टीम बाघों की गणना में जुट गई है। इसके लिए 2 स्क्वायर किमी के दायरे में पेयर कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। तीन महीने तक गणना का कार्य चलेगा। यह गणना प्रत्येक वर्ष की जाती है।
कॉर्बेट नेशनल पार्क में 260 बाघों को रिकॉर्ड किया गया है। चार साल के भीतर 45 बाघों का बढ़ना यह दर्शाता है कि बाघ संरक्षण के लिए बेहतर कार्य किए गए हैं। बाघों के लिए कॉर्बेट पार्क सबसे मुफीद स्थान है।
-यादवेंद्र देव झाला, मुख्य वैज्ञानिक डब्ल्यूआईआई।