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केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग में दो साल बाद फिर दिखा टाइगर, कुनबे की खोज में जुटी टीम 

Fri, 28 Jun 2019 04:30 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर
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कैमरे में कैद हुआ बाघ - फोटो : अमर उजाला
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केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत मद्महेश्वर घाटी में लगाए गए ट्रैप कैमरे में टाइगर (बाघ) की तस्वीर कैद हुई है। वर्ष 2016 में भी इसी घाटी में ट्रैप कैमरे में टाइगर की तस्वीर कैद हुई थी।

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अब वन्य जीव प्रभाग मदमहेश्वर घाटी में बाघ के कुनबे की खोज में जुट गया है। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने उच्च हिमालयी क्षेत्र में दुर्लभ वन्य जीवों की गणना और मौजूदगी के लिए 60 ट्रैप कैमरे लगाए थे।

इनमें 40 कैमरे हटा दिए गए हैं। 20 कैमरे अब काम कर रहे हैं। कैमरों की फुटेज की जांच के दौरान मद्महेश्वर घाटी में लगाए गए कैमरे में संरक्षित प्रजाति का भारतीय बाघ दिखा है। यह टाइगर 26 मई को सुबह चार बजे मद्महेश्वर घाटी के जंगलों में विचरण करता हुआ दिखाई दिया है। 

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केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि 26 जून को मदमहेश्वर घाटी से निकाले गए ट्रैप कैमरे में भारतीय बाघ की तस्वीर कैद हुई है। प्रथम दृष्टया यह टाइगर दूसरे जंगलों से आया प्रतीत हो रहा है।

क्षेत्र में स्थलीय निरीक्षण कर जांच की जाएगी कि यह नर है या मादा। यह भी देखा जाएगा कि तीन साल पूर्व कैमरे में जो बाघ कैद हुआ था, यह वही है कि दूसरा। उन्होंने कहा कि कैमरे में कैद बाघ के संरक्षण की योजना भी तैयार की जाएगी।
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