तीसरे चरण में गश्त के दौरान जहां-जहां वन्यजीवों का मूवमेंट दिखा है वहां ग्रास रूट, वाटर होल आदि बनाने का काम किया जाएगा। सेल हर रेंज के पांच कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण देगी।
नंधौर में बाघों की संख्या अधिक होने के साथ ही यहां नंधौर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी भी है। बाघों की सुरक्षा को देखते हुए कॉर्बेट की तरह टाइगर सेल बनाया जा रहा है जो उच्च तकनीक के साथ काम करेगी।
-कुंदन कुमार, डीएफओ हल्द्वानी वन प्रभाग