चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज के जंगल में पशुओं के लिए चारा लेने गई बस्तिया गांव की एक महिला को बाघ ने मार डाला। बाघ शव को करीब बीस मीटर तक पहाड़ी में घसीट कर ले गया। घटना बस्तिया से करीब दो किमी दूर जंगल की है। वन विभाग और पुलिस ने रेस्क्यू कर महिला का शव बरामद किया।
चार माह के भीतर क्षेत्र के जंगलों में बाघ के हमलों में तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इस दौरान मौके पर पहुंचे डीएफओ, एसडीएम, सीओ और कोतवाल का भी ग्रामीणों ने घेराव किया।
ग्रामीण पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और बाघ को जल्द पकड़ने की मांग पर अड़े रहे। बाद में डीएफओ के बाघ को पकड़ने के लिखित आश्वासन देने पर ग्रामीणों ने छह घंटे बाद जाम खोला।
टनकपुर-चंपावत एनएच स्थित बस्तिया गांव की पांच महिलाएं शनिवार सुबह करीब दस बजे बूम रेंज के कंपार्टमेंट संख्या 15 के जंगल में पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। बताया गया कि चारा काटने के दौरान प्यास लगने पर जानकी (29) पत्नी गोविंद सिंह थोड़ी दूर पहाड़ी पर स्थित जलस्रोत में पानी पीने जा रही थी तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया।