उत्तराखंड के ज्यादातर क्षेत्रों में मंगलवार को तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान आ सकता है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं चमोली जिले में सोमवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली। आंधी-तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जगह-जगह पेड़ टूटने से विद्युत लाइनें तहस-नहस हो गई।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज बारिश और आंधी की आशंका जताई है। ज्यादातर स्थानों पर बारिश के साथ 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आ सकती है। विभागीय बुलेटिन में आठ और नौ मई को तेज बारिश के साथ ओले गिरने का भी अनुमान जताया गया है। देहरादून जिले में मंगलवार को स्कूल बंद रहेंगे। जिलाधिकारी की ओर से देर शाम इसके आदेश जारी कर दिए गए।
मौसम केंद्र देहरादून से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात से मौसम में बदलाव आएगा। मंगलवार और बुधवार को मौसम का मिजाज इसी तरह का बना रहेगा। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम खासा खराब रहेगा। वहीं, मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आपदा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था रखने और सभी तरह की तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं।
बारिश और तेज अंधड़ का अलर्ट जारी होने के बाद जिलाधिकारी देहरादून ने राजधानी के सभी आंगनबाड़ी केंद्र और सरकारी व निजी स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने बताया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के अलावा 12वीं तक के शासकीय व निजी विद्यालय बंद रहेंगे। उन्होंने मुख्य शिक्षाधिकारी को आदेश का पालन सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। अल्मोड़ा डीएम ईवा आशीष ने एहतियातन मंगलवार को जिले के सभी सरकारी, निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश रहेगा।
देहरादून में आंधी तूफान की संभावना के चलते रेलवे ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। इसमें ट्रेन चालकों को आंधी तूफान के दौरान गति पर नियंत्रण रखने व सावधानी बरतने के निर्देश दिए है। स्टेशन अधीक्षक करतार सिंह ने बताया कि मौसम विभाग की ओर से अगले 48 घंटे के भीतर आंधी तूफान की चेतावनी दी गई। इसे देखते हुए रेलवे ने सुरक्षा के लिहाज से अलर्ट जारी है। सभी ट्रेन चालकों को निर्देश दिए गए आंधी तूफान के दौरान सावधानी बरतें और ट्रेनों की स्पीड नियंत्रित रखें। आंधी तूफान के दौरान रेल विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल सूचना दें। पिछले दिनों आंधी तूफान से रायवाला व कांसरो स्टेशन के बीच पेड़ गिरने से विद्युत लाइन टूट गई थी। इससे देहरादून से आ रही बांद्रा एक्सप्रेस बीच ट्रैक पर खड़ी हो गई थी।
आंधी की चेतावनी पर स्कूलों में आज अवकाश
thunderstorm in dehradun
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मौसम वैज्ञानिकों की ओर से मंगलवार को आंधी और बारिश होने की चेतावनी के बाद हरिद्वार के जिलाधिकारी दीपक रावत ने आंगनबाड़ी केंद्रों सहित इंटरमीडिएट स्कूलों तक में अवकाश के आदेश दिए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों ने मंगलवार के दिन मौसम खराब होने की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मंगलवार को तेज हवा के साथ आंधी चल सकती है। जिलाधिकारी दीपक रावत के अनुसार आठ मई को तेज आंधी और बारिश होने का अनुमान जताने पर सुरक्षा की दृष्टि से जनपद के इंटरमीडिएट तक के सभी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी के अनुसार निर्देशों की अनदेखी करने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है। उन्होंने आमजन को भी जागरूक करते हुए कहा है कि लोग आंधी में पेड़, बिजली के तार के नीचे, टीन के साथ खड़े न हो।
इसके साथ ही गढ़वाल और कुमाऊं के सरकारी और अर्धसरकारी स्कूल बंद रहेंगे। वहीं किसी-किसी जिले में फिलहाल स्कूल बंद होने की सूचना नहीं है। मंगलवार यानी आठ मई को बागेश्वर, देहरादून, हरिद्वार जिले में स्कूलों के अवकाश होने की सूचना जारी की गई।
तेज हवा और अंधड़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
आंधी और तूफान
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चमोली जिले में सोमवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली। आंधी-तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जगह-जगह पेड़ टूटने से विद्युत लाइनें तहस-नहस हो गई।
बदरीनाथ हाईवे पर पीपलकोटी में पेड़ टूटने से करीब सवा घंटे यात्रा वाहनों की आवाजाही भी ठप रही। गोपेश्वर के सुभाष नगर मोहल्ले में बिजली के तारों में पेड़ गिर जाने से दोपहर दो बजे से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इसी दौरान पुलिस लाइन के समीप होटल व्यवसायी देवेंद्र बुरुठी की दुकान की छत और ईंट की दीवार भरभराकर गिर गई। गनीमत यह रही कि तेज अंधड़ को देखते हुए दुकान स्वामी व अन्य लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे।
पीपलकोटी में कई जगहों पर बदरीनाथ हाईवे पर पेड़ टूटकर गिर पड़े। अपराह्न तीन बजे पेट्रोल पंप के समीप पेड़ टूटकर हाईवे पर आ गया, जिससे चारधाम यात्रा के वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। शाम करीब सवा चार बजे पेड़ को काटकर हाईवे से अलग किया गया। पीपलकोटी में ही विद्युत पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया, यहां भी करीब आधा घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही। बाद में बीआरओ की जेसीबी से पोल हटाकर यहां वाहनों की आवाजाही सुचारु करवाई गई।
48 घंटे में आंधी-तूफान के पूर्वानुमान को देखते हुए कुमाऊं में भी अलर्ट जारी
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मौसम विभाग की ओर से अगले 48 घंटे में आंधी-तूफान के पूर्वानुमान को देखते हुए कुमाऊं में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। आंधी-तूफान की आशंका को देखते हुए अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले के सभी सरकारी, निजी विद्यालयों में मंगलवार (8 मई) को अवकाश घोषित कर दिया है। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश रहेगा। अल्मोड़ा डीएम ईवा आशीष और बागेश्वर की डीएम रंजना राजगुरु ने लोगों से आंधी के समय घर पर रहने, पेड़, तारों, खंभों से दूर रहने, बिजली चमकते समय मोबाइल का प्रयोग न करने की सलाह दी है। उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार, लोनिवि अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने, सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को अपने मोबाइल ऑन रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश शासन के अनु सचिव प्रदीप कुमार शुक्ल की ओर से समस्त जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर पूर्वानुमान को देखते हुए आपदा प्रबंधन संबंधित समस्त सेवाओं को दुरुस्त रखने और आपदा से निपटने के लिए आपदा पूर्व तैयारी पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि दो मई की शाम को अचानक आए तूफान ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त हो गया था। शहर और इसके आसपास के क्षेत्र में तूफान के चलते दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि पांच लोग घायल हो गए थे। जगह-जगह पेड़ गिरने से शहर और गांवों की विद्युतापूर्ति ठप हो गई थी। अकेले बिजली विभाग को बीस लाख से अधिक की चपत लगी थी। अंधड़ के कारण कई जगह यूनिपोल तक गिर गए थे। एक बार फिर से तूफान के पूर्वानुमान को लेकर सरकार ने अलर्ट जारी किया है।
वहीं, राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि राज्य के कई स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। साथ ही 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी आने और ओलावृष्टि होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी से मिलने वाली नमी, पश्चिमी विक्षोभ और गर्मी के कारण मिल रही ऊर्जा के कारण आंधी-तूफान आ सकता है। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि और आंधी के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें और पर्वतीय क्षेत्रों में गाड़/नालों के पास प्रतीक्षा न करें।
अंधड़ के समय बरतेंगे ये सावधानियां तो रहेंगे सेफ
आंधी-तूफान
पेड़ों से दूरी बनाएं रखें। पेड़ों के नीचे न सोयें, पशुओं को भी पेड़ों से दूर बांधें। घर की छत्तों और छज्जों से भारी सामान हटा दें। मुंडेरों पर अगर गमले आदि या सजावट की चीजें व अन्य सामान रखा है तो उसे हटा दें।
आंधी-तूफान की स्थिति में बिजली की लाइनों-खंभों से दूरी बनाकर रखें। घर में इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रानिक सामान का प्लग निकाल दें। घर में टार्च की व्यवस्था रखें। आपात स्थिति के लिए सभी घरों में सुरक्षा इमरजेंसी किट रखें। टीन एवं हल्के मैटीरियल वाली छतों का विशेष ध्यान रखें।
रेडियो व टीवी चैनलों से जुड़े रहे और तूफान जैसे पूर्वानुमानों से अपडेट रहे। किसान अपनी फसल और तूड़े को संभाल लें। सोने से पहले चूल्हों और भट्टी की आग को बुझा दें।
पुलिस ने चारधाम यात्रा मार्ग को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया
चारधाम यात्रा
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प्रदेश में आज आंधी-तूफान की चेतावनी के मद्देनजर उत्तराखंड पुलिस ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिस ने चारधाम यात्रा मार्ग को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पुलिस के साथ-साथ एसडीआरएफ को अपने पूरे तमाम संसाधनों के साथ अलर्ट रहने को कहा गया है। एसडीआरएफ और अग्निशमन सेवा को जगह-जगह कैंप करने के आदेश दिए गए हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि आंधी-तूफान का असर पूरे राज्य में होने की आशंका है। इस समय चारधाम यात्रा पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता में है। लिहाजा इसको ध्यान में रखते हुए विभिन्न पड़ावों पर एसडीआरएफ और पुलिस को तैनात करने के निर्देश दिए हैं। एसडीआरएफ की सभी बटालियनों को सक्रिय कर दिया गया है। रिजर्व फोर्स को भी मार्ग के विभिन्न स्थानों पर तैनात रहने के दिए गए हैं।
इसके साथ ही सभी जिला पुलिस को अपने-अपने क्षेत्रों में जहां नुकसान होने की संभावना अधिक है जिला प्रशासन के साथ राहत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी थाना प्रभारियों अपने-अपने क्षेत्रों में लाउड स्पीकर के माध्यम से लोगों को सचेत करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि आंधी-तूफान से संभावित नुकसान को कम से कम किया जा सके। इधर, चारधाम यात्रा मार्ग पर पहले से ही रात आठ बजे के बाद वाहनों को नहीं भेजा जा रहा है, लेकिन संभावित तूफान को देखते हुए दिन में भी वाहनों को रोका जा सकता है।