गुरचरन ने बताया कि चारों लोग बैंक के पास स्थित रेस्टोरेंट में बैठे थे। कुछ देर बाद वह (गुरचरन) अपने साढ़ू के खाते में 1.60 लाख रुपये जमा कराने के लिए बैंक में चला गया, जहां उसे करीब 15 मिनट लगे।
इसी बीच, बैंक के बाहर एक स्कॉर्पियो कार और आई-10 कार में सवार होकर अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे। उन्होंने विक्रमजीत, जसनदीप और अर्शदीप को अगवा कर कारों में बैठा लिया। साथ ही एक अपहृत युवक जसनदीप की आई-20 कार भी बदमाश ले गए।
गुरचरन ने बताया कि जब वह बाहर आया तो उसे अपने साथियों के अपहरण होने का पता चला। उसने अपहृत विक्रमजीत को फोन मिलाया लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ मिला। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी।
कोतवाल सलाहउद्दीन पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पहुंचे। सीओ सुरजीत कुमार ने भी मौका मुआयना किया। साथ ही बैंक और आसपास की दुकानों के सीसीटीवी फुटेज लिए। इधर, विक्की के पिता रणजीत सिंह ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को अपहरण की तहरीर दी है। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था।
तीन युवकों के अपहरण और उनकी कार भी जबरन ले जाने के मामले में जांच की जा रही है। पीड़ित के विरोधाभासी बयानों की भी जांच की जा रही है। पुलिस की तीन टीमें गठित की गईं हैं। इनमें दो टीमें दबिश में लगी हैं और एक टीम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
- सुरजीत कुमार, सीओ, सितारगंज।