सूचना मिलते ही तीनों के घरों में कोहराम मच गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण लाया गया, जहां रानीखेत से पहुंचे डॉक्टरों ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम किया। रेस्क्यू के समय घटनास्थल पर उपजिलाधिकारी राहुल शाह, प्रभारी तहसीलदार हेमंत मेहरा, दिवान गिरि गोस्वामी, चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह सामंत और दीपक बिष्ट आदि मौजूद थे।
शायद नियति को यही था मंजूर
कोरोना वायरस के खौफ के बीच लॉकडाउन के दौरान जहां पूरे देश के लोग घरों में रह रहे हैं वहीं कई लोग इसका पालन नहीं कर जान जोखिम में डाल रहे हैं। लोगों का कहना है कि इन युवाओं ने लॉकडाउन का पालन किया होता तो यह घटना नहीं होती। शायद नियति को यही मंजूर था और तीनों युवा घरों से करीब 20 किमी दूर नहाने नदी तक पहुंच गए।