21 जून को घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई। न्यायाधीश विशेष अदालत (पोक्सो) जीएस धर्मशक्तू ने मामले में सुनवाई की।
जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी के मुताबिक आरोप को साबित करने के लिए अभियोजन की ओर से अदालत में आठ गवाह पेश किए गए।
पीड़िता, उसकी बहन, मां और पड़ोसी सहित अन्य लोगों की गवाही के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए उसे सजा सुनाई।