पटेलनगर पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। गिरोह के तीन सदस्याें को गिरफ्तार कर एक लाख 70 हजार रुपये की नगदी बरामद की गई है। नाइन एमएम की पिस्टल, तमंचे के अलावा विभिन्न बैंकों के करीब 200 एटीएम कार्ड भी बरामद हुए हैं। आरोपी यूपी और दिल्ली में भी कई लोगों के खातों से रकम उड़ा चुके हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के मनेवती निवासी दिनेश चंद पांडेय का एटीएम कार्ड बदलकर गैंग ने खाते से दो लाख 66 हजार रुपये उड़ा लिए थे। दिनेश चंद की शिकायत पर त्यूणी में जीरो एफआईआर दर्ज कर पटेलनगर कोतवाली को विवेचना सौंपी गई थी। इसी तरह पटेलनगर के मेंहूवाला निवासी कैलाश चंद के खाते से 24500 निकाले गए। इन मामलों की जांच के लिए सीओ सदर लोकजीत सिंह के निर्देशन में दो टीम गठित की गईं। पटेलनगर इंस्पेक्टर सूर्यभूषण नेगी ने टीम के साथ करीब 60-65 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। फुटेज से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने सोमवार रात ट्रांसपोर्ट नगर में कार सवार तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
कार सवार ज्ञानेंद्र निवासी शिवाजी पार्क शाहदरा दिल्ली, अमित निवासी बलराम नगर लोनी गाजियाबाद और कलीम बेग निवासी कच्चा बलराम नगर इंटर कालेज गली लोनी की तलाशी में नाइन एमएम का पिस्टल, तमंचा, 200 एटीएम कार्ड, एक लाख 70 हजार रुपये नगद, माइक्रोवेव बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने पटेलनगर में दिनेश पांडेय, कैलाश चंद और विकासनगर निवासी राजेंद्र सिंह के खाते से एक लाख 20 हजार रुपये निकालने की बात स्वीकार की। आरोपियाें की कार को भी सीज किया गया है। ज्ञानेंद्र हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है। तीनों आरोपी काफी दिनों से एटीएम कार्ड बदलकर ठगी के धंधे में सक्रिय थे।
ऐसे उड़ाते थे रकम
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे कार से देहरादून घूमने आए थे। वे ग्रामीण पृष्ठभूमि के लोगों और बुजुर्गों का अपना शिकार बनाते थे। वे एटीएम के बाहर खड़े हो जाते थे। जो लोग एटीएम कम चलाना जानते हैं, उन्हें मदद करने के बहाने अपने जाल में फंसा लेते थे। मदद के नाम पर पहले उनका पासवर्ड जान लेते थे और बाद में बड़ी सफाई उनका एटीएम कार्ड बदल लेते थे। वे साथ में तमाम बैंकों के एटीएम रखते थे। एटीएम कार्ड बदलने के बाद वे दूसरे एटीएम से रकम निकाल लेते थे। आरोपियों के पास बरामद माइक्रोवेव आनलाइन खरीदा गया था।
कार से पकड़ में आए आरोपी
आरोपी कार के नंबर से पकड़ मेें आए। एटीएम कार्ड बदलने की तीनों घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज की जांच में एक ही कार नजर आई थी। इसके बाद शहर के अन्य मार्गों के सीसीटीवी कैमरों से कार का नंबर पता किया गया। ये कार ज्ञानेंद्र के नाम है। उसका इतिहास खंगाला गया तो घटना की परतें खुलती चली गईं।