IIशराब के कारोबार में एक फर्म के तीन पार्टनरों ने दिए थे लाइसेंसी व्यवसायी को चेक
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Iएक पार्टनर की 37 प्रतिशत तो दो लोगों की 30-30 प्रतिशत थी हिस्सेदारी
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Iन्यायालय ने चेक बाउंस के मामले में तीन लोगों को एक-एक साल के साधारण कारावास और डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपियों ने शराब के कारोबार में मूल लाइसेंसी को अपने-अपने हिस्से के चेक दिए थे। बाद में सभी चेक बाउंस हो गए। अदालत ने जुर्माने में से पांच हजार रुपये सरकारी खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
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Iमामले में राजदीप पटवाल निवासी चकतुनवाला, रायपुर ने न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में 14 जुलाई 2020 को वाद दायर किया था। पटवाल का कहना था कि वर्ष 2018 में उनके नाम डोईवाला में विदेशी शराब की दुकान का लाइसेंस हुआ था। इसे संचालित करने के लिए उन्होंने मैसर्स डैम्स इंटरप्राइजेज नाम की फर्म करार किया। इस फर्म के पार्टनर अमित गुसाईं निवासी क्यूकालेश्वर मोहल्ला पौड़ी गढ़वाल, दीपक रावत निवासी देव प्रयाग रोड पौड़ी गढ़वाल और मधूसूदन नेगी निवासी सर्किट हाउस पौड़ी गढ़वाल हैं। इनमें अमित गुसाईं 37 प्रतिशत और बाकी दो हिस्सेदार 30-30 प्रतिशत के हिस्सेदार हैं।
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Iइस फर्म ने अगस्त 2019 तक ठेके का संचालन किया, लेकिन आबकारी की देनदारी नहीं दी। आबकारी की 1.55 करोड़ रुपये की देनदारी लाइसेंसी होने के नाते राजदीप पटवाल पर आई। इसके लिए प्रशासन ने कुर्की भी की जिसमें उनके पिता का मकान करीब 31 लाख रुपये में नीलाम हो गया। यह बात जब इन तीनों को पता चली तो तीनों ने अपने-अपने हिस्से के चेक क्रमश: 57.41, 46.55 और 46.55 लाख रुपये दे दिए। लेकिन, ये सभी चेक बाउंस हो गए। ऐसे में अब न्यायिक मजिस्ट्रेट इन तीनों को एक-एक साल की सजा और क्रमश: 57.61, 46.75 व 46.75 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।I