heavy rain in uttarakhand(file photo)
उत्तराखंड में लगातार बारिश से हाहाकार है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे और हाई अलर्ट जारी किया है। गढ़वाल मंडल की तरह कुमाऊं में भी बारिश से जनता त्रस्त है। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने लोगों को बेहाल कर दिया है। नवरात्र की रौनक के साथ ही रामलीला उत्सव का उल्लास भी धुल गया है। कई जगह रामलीलाएं स्थगित करनी पड़ी तो जहां जैसे-तैसे आयोजन हुआ भी तो दर्शक कम जुट सके।
बारिश-भूस्खलन, पेड़ गिरने जैसी घटनाओं से कई मार्गों पर आवागमन बाधित हुआ। पहाड़ों पर धान, मडुवा, सोयाबीन, भट, राजमा, गहत, लोबिया, उड़द सहित बेल वाली सब्जियों को नुकसान हुआ है। तराई में धान की फसल को 30 फीसदी तक नुकसान होने का अनुमान है।
नैनीताल जिले में भारी बारिश से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित थुवा की पहाड़ी से जगह-जगह पत्थर गिर रहे हैं। हल्द्वानी से बेतालघाट जा रही केमू की बस भी पत्थर की चपेट में आई लेकिन जान माल का नुकसान होने से बच गया। एक आल्टो कार भी बाल-बाल बची।
रामनगर क्षेत्र के सभी नदी, नाले उफान पर हैं। तीन अलग-अलग बरसाती नालों में बाइक सवार बह गए, जिन्हें क्षेत्रीय लोगों और पुलिस वालों की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया। इनमें एक तुषार जैन पुत्र राकेश जैन निवासी नई दिल्ली है जो कार्बेट पार्क में घूमने आया था।
कोसी में पानी 17342 क्यूसेक तक पहुंच गया। मेथीशाह नाला उफान पर आने से एक पिकअप नाले में फंस गई। नैनीताल रोड मलबा आने से तो कोटाबाग मार्ग पेड़ उखड़ कर सड़क के बीचोंबीच गिरने से बाधित हुआ।