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रजिस्ट्री फर्जीवाड़ा मामला: तीन और मुकदमे दर्ज, भूमाफियों ने ऐसे किया 1958 की रजिस्ट्रियों में घपला

Fri, 01 Sep 2023 04:06 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

मुकदमा सब रजिस्ट्रार कार्यालय में संरक्षित रजिस्ट्री संख्या 2716, 3372 और 2764 में छेड़छाड़ से संबंधित हैं। इन रजिस्ट्रियों और संबंधित जिल्द को सहारनपुर से 31 दिसंबर 2022 को दून लाया गया था।
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- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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फर्जी रजिस्ट्री मामले में कोतवाली देहरादून में तीन और मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अन्य प्रकरणों की भांति इनमें भी भूमाफियों ने वर्ष 1958 की रजिस्ट्रियों के मूल पृष्ट हटाकर उनकी जगह फर्जी स्वामित्व के पृष्ठ जोड़ दिए गए और फिर उन्हें विक्रय कर दिया। यह मुकदमे सहायक महानिरीक्षक स्टांप संदीप श्रीवास्तव की तहरीर पर दर्ज किए गए हैं।

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कोतवाली प्रभारी राकेश गुसाईं ने बताया कि मुकदमा सब रजिस्ट्रार कार्यालय में संरक्षित रजिस्ट्री संख्या 2716, 3372 और 2764 में छेड़छाड़ से संबंधित हैं। इन रजिस्ट्रियों और संबंधित जिल्द को सहारनपुर से 31 दिसंबर 2022 को दून लाया गया था। सभी रजिस्ट्री 1958 की हैं। रजिस्ट्री संख्या 2764 के अवलोकन में पाया गया कि उक्त जिल्दों में प्रथम दृष्टया अभिलेखों से छेड़छाड़ की गई है। पृष्ठों को बदला गया है। पृष्ठों को कलर किया गया है। विलेख बाइंड नहीं है। पेंजिग अन्य विलेखों की पेंजिग से भिन्न है।
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वहीं, रजिस्ट्री नंबर 2716 वर्ष 1958 के पृष्ठ अन्य पृष्ठों से भिन्न हैं। पृष्ठ संख्या एक के ऊपरी हिस्से में अंकित खसरा नंबर 689 व 880 को हिंदी और अग्रेंजी के मिश्रित अंकों में लिखा गया है। प्रयुक्त लाल स्याही से भिन्न प्रतीत हो रही है। रजिस्ट्री संख्या 3372 में भी इसी प्रकार की गड़बड़ी मिली है। यह सभी रजिस्ट्रियां माजरा क्षेत्र की हैं। प्रकरणों में अभी तक दस मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।

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