यूपीसीएल की लापरवाही कालसी ब्लॉक के ग्रामीणों की जिंदगी पर कभी भी भारी पड़ सकती है। क्षेत्र के 12 से अधिक गांवों में बिजली के लटकते तारों से खतरा बना हुआ है। जंक लगने से बिजली के खंभे गिरासू स्थिति में पहुंच गए हैं। घरों के ऊपर लटकते तारों को ग्रामीणोें ने लकड़ी की बल्लियों से ऊपर किया हुआ है।
70 के दशक में यूपीसीएल ने कालसी ब्लॉक के ज्यादातर गांवों का विद्युतीकरण किया था। इसमें से अब ज्यादातर बिजली के खंभे मेंटीनेंस के अभाव में गिरासू स्थ्ति में पहुंच गए हैं। कई खंभे जंक खाकर पूरी तरह से खोखले हो गए हैं। हल्की सी हवा चलने पर यह पोल हिलने लगते हैं। साथ ही बिजली की तारें भी काफी नीचे तक लटक रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी क्षतिग्रस्त लाइनों की सुध नहीं ले रहे हैं।
मलोऊ गंव के सुंदर सिंह तोमर, अलसी गांव के चमन सिंह बिष्ट का कहना है कि विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार है। क्षेत्र में हल्की सी हवा चलने पर तारें आपस में टकराने लगती हैं। इससे चिंगारियां निकलने लगती हैं। ग्रामीणों को दहशत के साए में रहना पड़ रहा है। मेंटीनेंस के अभाव में आए दिन बिजली गुल हो जाती है, जिसे बहाल करने में विभाग को कई दिन लग जाते हैं। मलोऊ गांव में घरों के ऊपर लटकते तारों की वजह से लोगों ने छतों पर जाना तक छोड़ दिया है।
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इन गांव में जर्जर हैं बिजली के खंभे
यूपीसीएल की हीलाहवाली के कारण सकनी, कनबुआ, बसाया, चंदोऊ, लुहारी, किशोऊ, जामुवा, नराया, बोहा, कोटी डिमऊ, मलोऊ, अलसी समेत 12 से अधिक गांवों में बिजली के खंभे जर्जरहाल हैं।
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सभी जर्जरहाल खंभों की मरम्मत का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। बजट मिलते ही जर्जरहाल खंभों और लटकते तारों को ठीक कराया जाएगा। -प्रताप सिंह चौहान, अवर अभियंता, यूपीसीएल