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वनों की आग हुई भयावह : उत्तराखंड में 2016 का टूटेगा रिकॉर्ड

Wed, 30 May 2018 08:55 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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जंगल की आग
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प्रदेश के जंगलों में आग लगने की घटनाएं जितनी तेजी से बढ़ रही हैं, उससे 2016 में लगी भीषण आग का रिकार्ड भी टूटने की स्थिति में है। पिछले 24 घंटे में 173 घटनाओं में 338 हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा है।

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2016 में प्रदेश के वनों में लगी आग ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। आग बुझाने के लिए एयर फोर्स तक की मदद लेनी पड़ी थी। उस साल आग लगने की 2074 घटनाओं में 4434 हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा था। पर इस बार यह रिकार्ड भी टूटने की स्थिति में है।

प्रदेश में अभी ही 1946 घटनाओं में 4190 हेक्टेयर जंगल राख हो चुका है। इन घटनाओं में 81 लाख रुपये से अधिक वन संपदा का नुकसान होने का अनुमान है। जबकि वन विभाग के फायर सीजन को खत्म होने में ही 17 दिन (15 जून) बाकी है।  जिस तरह से एक दिन में तीन सौ से अधिक हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंच रहा है, उससे 2016 का रिकार्ड टूटना तय माना जा रहा है।
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बारिश से वन विभाग को राहत
बारिश से वन विभाग को राहत मिली है। मुख्य वन संरक्षक बीपी गुप्ता के अनुसार नैनीताल, देहरादून, चमोली और टिहरी जिले में बारिश होने की सूचना है। इससे आग नियंत्रित करने में मदद मिली है। मंगलवार की शाम से आग लगने के संबंध में कोई अलर्ट भी नहीं मिला है। 

गढ़वाल सबसे संवेदनशील
आग लगने की घटनाओं में गढ़वाल सबसे संवेदनशील बना हुआ है। गढ़वाल रीजन में 890 घटना हुई है। इसमें 70 घटनाएं बीते 24 घंटे के दौरान ही हुई हैं। इसके अलावा कुमाऊं 614, शिवालिक  371 और वन्यजीव रीजन में 71 घटनाएं हुई है।

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