भारतीय नौसेना में मरीन कमांडो के पद पर 15 वर्ष सेवा दे चुके रमेश चंद्र भट्ट ओखलकांडा ब्लॉक के युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण देकर भारतीय सेना के लिए कमांडो तैयार कर रहे हैं। उनकी मेहनत का असर भी युवाओं में दिखने लगा है।
मूलरूप से बागेश्वर ग्राम बिलौना के रहने वाले रमेश चंद्र भट्ट भारतीय नौसेना में मरीन कमांडो के पद से 2009 में सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में ओखलकांडा ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय टांडा में सहायक अध्यापक हैं।
मरीन कमांडो रहते रमेश ने विभिन्न सैन्य ऑपरेशनों में सक्रिय प्रतिभाग करने और जम्मू कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराने के कारण राष्ट्रपति द्वारा 2003 में नौसेना मेडल (बहादुरी) पुरस्कार भी प्राप्त किया। पूर्व कमांडो रमेश चंद्र दो साल तक पूर्व राष्ट्रपति स्व. डा एपीजे अब्दुल कलाम की सुरक्षा दल के अहम सदस्य भी रह चुके हैं।