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सावधान! बरसात में खतरनाक हैं देहरादून के ये पिकनिक स्पॉट, इन जगहों पर न मनाएं छुट्टी

Wed, 14 Aug 2019 10:45 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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गुच्चू पानी में अचानक बढ़ जाता है नदी का जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
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बरसात में वीकेंड मनाने के लिए नदियों वाले पिकनिक स्पॉट पर न जाएं तो बेहतर होगा। हालिया दिनों में नदियों में हुई दुर्घटनाएं और मार्गों पर टूट कर गिर रहे पहाड़ों को देखते हुए फिलहाल ये डेंजर जोन से कम नहीं हैं। माल देवता, गुच्चू पानी, सहस्रधारा आदि जगहों पर प्रशासन ने अतिरिक्त बचाव दल की तैनाती के साथ-साथ वहां न जाने की सलाह भी दी है। 

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दरअसल, स्वतंत्रता दिवस व अन्य छुट्टी मनाने लोग शहर के आसपास के पिकनिक स्पॉट पर जाते हैं। बरसात के मौसम में उफनती नदियां और दरकते पहाड़ इस छुट्टी को परेशानी भरा बना सकते हैं। तीन दिन पहले नीमी नदी में दो छात्रों के बहने की घटना का अति उत्साह व खतरा न भांपने को भी कारण माना जा रहा है। यदि, बाहरी राज्यों के इन छात्रों को नीमी के बरसात में उफनने की जानकारी होती तो शायद उनकी जान बच सकती थी। जान का खतरा सिर्फ इसी जगह नहीं है, बल्कि शहर के आसपास के कई पिकनिक स्पॉट व खूबसूरत जगह हैं, जहां उफनती नदियां और दरकते पहाड़ जान पर खतरा बन सकते हैं। 

जगह जहां हैं खतरे 

माल देवता :: 
रायपुर से आगे इस जगह पर हर वीकेंड पर अच्छी खासी भीड़ रहती है, लेकिन इस क्षेत्र में बांदल नदी कभी भी विकराल रूप धारण कर लेती है। चार साल पहले इस नदी में आई बाढ़ के कारण आधा गांव ही बर्बाद हो गया था। इससे आगे का रास्ता अक्सर पहाड़ का मलबा आने से बंद हो जाता है। 

सहस्रधारा ::
सहस्रधारा न सिर्फ आसपास के लोगों के लिए बल्कि दूरदराज के पर्यटकों के भी आकर्षण का केंद्र रहता है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने के चलते यहां अक्सर जलस्तर बढ़ने से कालांतर में कई घटनाएं हुई हैं। पिछले साल बरसात के सीजन में हरियाणा के दो युवक बह गए थे। इसके अलावा आसपास के मार्गों पर अक्सर पहाड़ दरकते रहते हैं। 

गुच्चू पानी ::
टौंस नदी के किनारे इस स्थान का पुराना इतिहास रहा है। रॉवर्स केव के नाम से प्रसिद्ध इस पिकनिक स्पॉट पर यूं तो हर वक्त बचाव दल तैनात रहते हैं, लेकिन साल में कई घटनाएं ऐसी होती हैं, जब पर्यटक नदी के तेज बहाव में फंस जाते हैं। तीन वर्ष पहले गुच्चू पानी में ही 22 लोगों को बचाने के लिए पुलिस व प्रशासन को तकरीबन आठ घंटे का वक्त लगा था। 

गुजराड़ा ::
चंद्रभागा नदी के किनारे स्थित गुजराड़ा में गर्मियों के दिनों में पिकनिक मनाने वालों की भीड़ रहती है। बरसात के दिनों में यह सबसे खतरनाक स्थानों में से एक बन जाता है। चंद्रभागा नदी भी इन दिनों उफान पर है। यही नहीं नया मार्ग बनने के कारण अभी पहाड़ भी दरकता रहता है। ऐसे में इस स्थान पर जाना भी खतरे से खाली नहीं होगा। 

पछवादून के इलाके ::
पछवादून के कई इलाके अच्छे बडे़ पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित हो चुके हैं। इनमें यमुना के किनारे कटा पत्थर, नीमी नदी के किनारे शूटिंग रेंज के पास व डाक पत्थर के पास नदियों का इलाका शामिल है। इस वक्त यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। साथ ही बरसाती नदियां भी विकराल रूप ले चुकी हैं। लिहाजा, वहां जाने से पहले सोच विचार कर लें। 

प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी  
प्रशासन ने भी इन पिकनिक स्पॉट पर न जाने की एडवाइजरी जारी की है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जगह जगह चेतावनी बोर्ड भी लगा दिए गए हैं। इसके साथ ही मार्गों पर चेकपोस्ट के जरिए भी लोगों को सूचित किया जा रहा है। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि सभी जगहों पर एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग के जवान तैनात हैं। बावजूद इसके लोगों को सलाह दी जाती है कि इन जगहों पर जाने से पहले सावधान रहें।  
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नदियों व झरनों के किनारे पिकनिक न करें - मुख्यमंत्री

भारी बारिश से प्रदेश में हो रही जान माल की हानि पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रशासन को व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ युवाओं को सलाह दी है कि नदियों व झरनों के किनारे पिकनिक करने से बचें। दो युवाओं के बहने की घटना के बाद उन्होंने यह सलाह दी है। मुख्यमंत्री ने चमोली के घाट में अतिवृष्टि से हुई जनहानि पर शोक जताते हुए मृतकों के परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई है। 

मुख्यमंत्री रावत ने जिलाधिकारी चमोली को राहत व बचाव कार्य तेजी से करने व प्रभावितों को अनुमन्य आर्थिक सहायता के साथ अन्य राहत तुरंत उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए है। चमोली प्रशासन से प्राप्त सूचना के अनुसार घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, राजस्व व आपदा की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुट गईं। प्रभावित क्षेत्र में राहत सामग्री पहुंचाई गई है। घूमने गए दो छात्रों के बह जाने की घटना को दुखद बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात में नदियों का जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि इसका अनुमान लगाना बेहद कठिन होता कि पानी कितनी तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में बरसात के मौसम में लोग विशेष रूप से युवाओं से अपील है कि पिकनिक आदि के लिए नदियों, झरनों के समीप न जाएं।
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