संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। ट्रांसपोर्टरों की ओर से टीजीएमओयू कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में एआरटीओ कार्यालय में स्थित ऑटोमैटिक वाहन जांच केंद्र का संचालन शुरू करने, बाहरी राज्यों की ऑल इंडिया परमिट की गाड़ियों का संचालन रोकने, ट्रक ऑपरेटरों की समस्या का समाधान करने, टैक्स आदि मांगों पर चर्चा की गई। मांग की अनदेखी करने पर 25 अक्तूबर को पूरे गढ़वाल मंडल में चक्काजाम करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में यातायात कंपनी के पूर्व अध्यक्ष मनोज ध्यानी ने कहा कि एआरटीओ ऋषिकेश कार्यालय में ऑटोमैटिक वाहन जांच केंद्र का काम 90 फीसदी का पूरा हो चुका है। इस भवन पर करीब 4.95 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
इसमें मशीनें न लगाए जाने से इसका संचालन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि वाहनों की मैन्युअल फिटनेस के लिए वाहन-04 पोर्टल पर एनआईसी नई दिल्ली से ऋषिकेश एआरटीओ कार्यालय का नाम हटा दिया गया है जिससे ऋषिकेश एआरटीओ कार्यालय में एक अगस्त से मैन्युअल फिटनेस का काम बंद है। सुधीर राय रावत ने कहा कि अभी तक ट्रांसपोर्टरों की समस्या का समाधान परिवहन महासंघ की ओर से किए गए आंदोलनों से हुआ है। इसलिए हमें जोर-शोर से आंदोलन करना होगा। टीजीएमओ कंपनी के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने कहा कि जिस प्रकार हिमाचल राज्य के अंदर ऑल इंडिया परमिट के वाहनों का संचालन प्रतिबंधित है वैसा ही नियम हमें उत्तराखंड में लागू करवाना होगा। उन्होंने कहा कि 25 अक्तूबर शनिवार को विभिन्न मांगों को लेकर ट्रांसपोर्टरों की ओर से चक्काजाम किया जाएगा। यह चक्काजाम ऋषिकेश सहित पूरे गढ़वाल मंडल में होगा। देहरादून, हरिद्वार और मसूरी की यूनियनों से वार्ता की जाएगी।
इस मौके पर ऑल उत्तराखंड मोटर ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र नेगी, रोटेशन के अध्यक्ष भूपाल सिंह नेगी, बिजेंद्र कंडारी, कृष्णा बडोनी, नवीन रमोला, योगेश उनियाल, जय प्रकाश नारायण, दिनेश बहुगुणा, प्यारेलाल जुगरान, कृष्णा बडोनी, सुरेश तिवारी, मोहनलाल, आदि उपस्थित रहे।