उप जिला अस्पताल विकासनगर में बीपी और शुगर की जांच तक के लिए मरीज परेशान
उप जिला अस्पताल विकासनगर में लंबे समय से फिजिशियन का पद रिक्त है। दंत रोग सर्जन भी नहीं है। जिस कारण मरीजों को निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने अस्पताल में फिजिशियन और डेंटल सर्जन की तैनाती किए जाने की मांग की है।
अस्पताल से क्षेत्र की डेढ़ लाख की आबादी जुड़ी हुई है। लेकिन लंबे समय से फिजिशियन का पद रिक्त है। जिस कारण मरीज परेशान रहते हैं। उम्रदराज लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। ब्लड प्रेशर, शुगर, सांस और पेट से संबंधित बीमारियों को लेकर मरीजों को परामर्श नहीं मिल पाता। मजबूरी में उन्हें प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ता है, जिससे मरीजों की जेब पर आर्थिक बोझ भी पड़ता है। अस्पताल में सर्जरी की सुविधाएं होने के बावजूद डेंटल सर्जन की तैनाती नहीं है। दांत से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है।
अस्पताल में पिछले आठ साल से फिजीशियन का पद रिक्त है। डेढ़ साल से डेंटल सर्जन भी नहीं है। दोनों पदों को तैनाती को लेकर विभाग से कई बार पत्राचार किया जा चुका है। लेकिन अभी तक तैनाती नहीं हो सकी है। - डॉ. विजय सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी
पड़ोसी जिलों से तक पहुंचते हैं मरीज
विकासनगर में उप जिला अस्पताल पछवादून और जौनसार बावर क्षेत्र का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पड़ोसी राज्य हिमाचल के अलावा पड़ोसी जिले टिहरी और उत्तरकाशी से भी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में इलाज नहीं मिलने से निराश होकर लौटते हैं।