उत्तराखंड सरकार रोडवेज की परिसंपत्तियों के बंटवारे का हल चाहती है। पिछले दो दशक से यह विवाद चल रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन पर अब इस विवाद के हल होने की उम्मीद जगी है।
जिन चार परिसंपत्तियों को लेकर अभी तक विवाद नहीं सुलझा है, उनमें कानपुर स्थित परिवहन निगम की कार्यशाला और एलेन फारेस्ट कार्यशाला, लखनऊ स्थित टिहरी कोठी परिवहन निगम मुख्यालय के साथ ही अजमेरी गेट नई दिल्ली स्थित परिसंपत्तियां हैं।
राज्य गठन के समय यह सहमति बनी थी कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम उत्तराखंड को 13.24 फीसदी हिस्सा देगा। जिनकी मौजूदा बाजार दर करीब 800 करोड़ रुपये है। उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने इसे लेकर हाईकोर्ट में वाद दाखिल कर दिया था। तब से यह विवाद जारी है। उत्तराखंड सरकार रोडवेज की इन परिसंपत्तियों का हल चाहती है।