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Dehradun News: पीएचसी में सरकारी लैब नहीं, तीन से चार दिन में आ रही जांच रिपोर्ट

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जिले के सीमांत तहसील क्षेत्र त्यूणी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकारी लैब नहीं है। यहां स्वास्थ्य विभाग से अनुबंधित निजी लैब मरीजों के सैंपल एकत्र करती है। जांच के लिए सैंपल 180 किमी देहरादून मुख्यालय भेजे जाते हैं। अगले दिन सैंपल की जांच होती है। जांच में एक से दो दिन का समय लगता है। सामान्य जांच की रिपोर्ट भी मरीज को तीसरे या चौथे दिन मिलती है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्यूणी में दैनिक ओपीडी 90 ये 100 के बीच है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले 25 से 30 मरीजों को चिकित्सक की ओर से पैथोलॉजी जांच लिखी जाती है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मरीज का उपचार शुरू होता है। लेकिन अस्पताल में मरीज का उपचार शुरू होने में तीन से चार दिन का समय लग जाता है।

अस्पताल में सरकारी पैथोलॉजी लैब नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग से अनुबंधित चंदन पैथोलॉजी लैब के कलेक्शन सेंटर के माध्यम से जांच के लिए मरीजों के सैंपल एकत्र किए जाते हैं। सैंपल को जांच के लिए देहरादून स्थित पैथोलॉजी लैब में भेजा जाता है। त्यूणी से देहरादून की दूरी करीब 180 किमी है। मरीजों के सैंपल को देहरादून भेजने के लिए एकमात्र विकल्प रोडवेज बस है।
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रोडवेज बस से भेजे गए सैंपल लैब में शाम को पहुंचते हैं। उसके बाद जांच में एक से दो दिन का समय लगता है। मरीजों को तीन से चार दिनों में सैंपल की रिपोर्ट मिलती है। रिपोर्ट आने के बाद मरीज का उपचार शुरू होता है। सामान्य जांच की रिपोर्ट के लिए भी मरीजों को तीन से चार दिन का इंतजार करना पड़ता है। इसके चलते कई मरीजों को उपचार और जांच के लिए उप जिला अस्पताल विकासनगर आना पड़ता है।



त्यूणी में केवल एक पीएचसी है। अस्पताल में केवल मामूली बीमारी का उपचार किया जाता है। अस्पताल में खून जांच की सुविधा भी नहीं है। मरीजों के सैंपल जांच के लिए देहरादून भेजे जाते हैं। जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को तीन से चार दिन इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल में सरकारी लैब खुलनी चाहिए। - ज्ञानो देवी, स्थानीय निवासी






पत्नी की खून की जांच करवाई थी। जांच रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन लग गया। अस्पताल में लैब होती तो एक दिन में रिपोर्ट मिल जाती। रिपोर्ट आने के अगले दिन पत्नी का उपचार शुरू हुआ। अस्पताल में सरकारी लैब का होना बहुत जरूरी है। - आनंद रावत, स्थानीय निवासी



अस्पताल में पैथोलॉजी लैब खोलने के लिए शासन को लगातार डिमांड भेजी जा रही है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग से अनुबंधित पैथोलॉजी लैब ही मरीजों के सैंपल एकत्र कर देहरादून जांच के लिए भेज रही है। सरकारी लैब खुलने से मरीजों को भी सुविधा मिलेगी। - डॉ. नरेंद्र राणा, प्रभारी चिकित्साधिकारी
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