दीपावली को लेकर गांव से लेकर शहर तक उत्साह है। घरों को सजाने संवारने का काम जोरशोर से चल रहा है। उत्सव की भव्यता को बढ़ाने में मुस्लिम महिलाएं भी खासी भूमिका निभा रही हैं। इस दिवाली मदीना समूह की बनाई फूल मालाओं से घर महकेंगे।
दरअसल, राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता महिला समूहों में ग्रामीण महिलाएं बड़े पैमाने पर कार्य कर रही हैं। शहर से 25 किलोमीटर दूर विकासखंड सहसपुर में संचालित मदीना समूह, शक्ति समूह, उज्ज्वला और एकता स्वयं सहायता समूह में वसिला, रईसा, शुगफ्ता, तंवी मिर्जा, जमशीदा आदि मुस्लिम महिलाएं जुड़ी हैं। इन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं तो आमजन को जरूरत के सामान। महिलाएं दीपावली के त्योहार को देखते हुए घरों को सजाने-संवारने के सामानों का निर्माण कर रही हैं। भगवान के पूजन के लिए आम, गेंदे की मालाओं को अपने हाथों से गूंथ रही हैं।
एनआरएलएम की स्टेट पर्सन और शक्ति स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष गीता मौर्य ने बताया कि उनके समूहों की सभी 10 महिलाएं मुस्लिम समाज से हैं। यह फूल मालाओं के साथ ही पूजा के लिए अगरबत्ती, धूपबत्ती बनाने का कार्य कर रही हैं। बीते साल भी डेढ़ क्विंटल फूलों को बेचा गया था। इस बार तीन क्विंटल फूल मालाओं को बेचने का लक्ष्य है। कहा, आस्था क्लस्टर लेबल फेडरेशन में भी अधिकांश मुस्लिम परिवार कार्य कर रहे हैं। इसमें एलईएडी लड़ियां और अगरबत्ती व धूपबत्ती बनाने का कार्य हो रहा है। इन समूहों से बड़ी संख्या में लोग सामान खरीद रहे हैं।