चुनाव आचार संहिता में शस्त्र जमा न कराने पड़े इसके लिए बहुत से लोग जिला प्रशासन को प्रार्थनापत्र दे रहे हैं। कोई जान का खतरा बता रहा है तो कोई व्यापार का। किसी को जंगली पशुओं से खेती की रक्षा करनी है। इनमें से कितने लोगों के शस्त्र जमा होंगे और कितनों को छोड़ा जाएगा। इसका फैसला जिलाधिकारी और एसएसपी की स्क्रीनिंग कमेटी फैसला लेगी। हालांकि, इस बार शस्त्र जमा कराने के नियमों में शिथिलता बरती गई है। पहले शस्त्र लाइसेंस धारकों का सत्यापन किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट के बाद ही शस्त्र जमा करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
दरअसल, हर बार उन लोगों को शस्त्र जमा कराने से छूट दी जाती है, जिनके पास हथियार रखने के वाजिब कारण हैं। मसलन उनकी जान को वाकई खतरा है, जिसके लिए उन्होंने शस्त्र खरीदा है। लेकिन, इस बार सामान्य लोगों को भी इससे छूट दी जा सकती है। इससे पहले विभिन्न स्तरों पर सत्यापन किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस प्रभारियों को विभिन्न बिंदुओं पर सत्यापन के निर्देश दिए हैं। इनमें खासतौर पर उन लोगों पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही है जिनके खिलाफ पहले से कोई मुकदमा है। पुलिस से मिली जानकारी के जिलेभर में सत्यापन का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके बाद यह रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजी जाएगी। इस पर जिलाधिकारी और एसएसपी की स्क्रीनिंग कमेटी निर्णय लेगी कि किन लोगों के शस्त्र जमा किए जाने हैं।
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ऐसे लाइसेंस धारकों का किया जा रहा विशेष सत्यापन
- जो लोग हाल ही में जमानत पर रिहा हुए हों।
- ऐसे लोग जिनका आपराधिक इतिहास हो।
-ऐसे लोग जो कभी दंगों में शामिल रहे हों ।
- विशेष तौर पर वे लोग जो चुनाव के दौरान हिंसा में शामिल रहे हों।
- ऐसे लाइसेंसी जो लोग किसी भी प्रकार के चुनाव अपराध में शामिल रहे हों।
इन्हें मिल सकती है छूट
इस बार सभी शस्त्र जमा नहीं किए जाएंगे। सामान्य लोगों को इससे छूट दी जा सकती है। विशेषकर ऐसे लोग जो कभी किसी प्रकार की हिंसा में शामिल न रहे हों। जिन लोगों ने अपने शस्त्रों का कभी प्रदर्शन न किया हो। साथ ही जिन लोगों को वास्तव में जान का खतरा हो। हालांकि, ऐसे लोगों से वाजिब कारणों के साथ-साथ एक शपथपत्र भी लिया जा सकता है। इसके साथ ही जिन लोगों को हथियार जमा कराना है उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। यदि निर्धारित समय तक शस्त्र जमा नहीं कराया जाता तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
शस्त्र लाइसेंस का सत्यापन लगभग पूरा किया जा चुका है। जल्द ही स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में शस्त्र जमा कराए जाने या छूट दिए जाने को लेकर फैसला किया जाएगा।
- अजय सिंह, एसएसपी