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Iप्रदेशभर में नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान शुक्रवार से शुरू किया गया। इस अभियान के तहत राज्य के सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों को सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है जिससे बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी जा सके।
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Iइंडियन एकेडमी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सा स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा, युवा पीढ़ी को नशे से मुक्त, जागरूक और सशक्त बनाने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर काम करना होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के माध्यम से प्रदेशभर में स्कूली छात्रों को केंद्र में रखकर जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कहा, शिक्षकों को चाहिए कि वे छात्रों में संवेदनशीलता व आत्मबल बढ़ाने वाले संवादों को प्रोत्साहित करें। प्राधिकरण के सहायक निदेशक डॉ. पंकज सिंह ने छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों, लत लगने के जोखिमों और इससे बचाव के तरीकों की जानकारी दी। कहा, किशोरावस्था एक संवेदनशील दौर होता है और इस उम्र में नशे की ओर झुकाव जल्दी होता है। ऐसे में छात्रों को समय रहते जागरूक करना बेहद जरूरी है। इस मौके पर विद्यालय की निदेशक मुनेन्द्र खंडूरी, प्रधानाचार्य नीलम शर्मा समेत शिक्षक व छात्र मौजूद रहे।I