मौसम की मार ने सेब के बगीचों को बर्बाद कर दिया है। पिछले 15 दिनों में पेड़ से सेब के फल और फूल बड़ी मात्रा में गिरे हैं। कई पेड़ फलों से पूरी तरह खाली हो गए हैं।
त्यूणी क्षेत्र के ग्राम कथियान, ओबरासेर, बगूर, चौसाल, पटियूड़, हटाड़, छजाड़, फनार, लोईच, चिल्हाड़, भुनाड़, ठांगूठा आदि में सेब का उत्पादन व्यापक स्तर पर होता है। क्षेत्र का किसान बेहतर फसल के लिए पूरे साल बागों में मेहनत करता रहता है। इसके साथ ही निजी कंपनियों व सरकारी बैंकों से फसल पर होने वाले खर्च के लिए ऋण आदि भी लेता है। इसका भुगतान वह फसल बेचकर करता है। लेकिन, इस बार के मौसम ने किसानों की सारी मेहनत व खर्च पर पानी फेर दिया है। पिछले 15 दिनों से आए दिन हो रही बारिश, ओलावृष्टि व तेज हवाओं के चलने से सेब के पौधों से अधिकांश फल और फूल गिर गए हैं। सेब उत्पादक किसान चतर सिंह रावत, राम प्रसाद, रघुवीर सिह, पान सिंह राणा, मातवर सिंह, मदन सिंह, आलम सिंह राणा, बलवीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, आत्मा राम, फतेह सिंह का कहना है कि मौसम की मार से अभी तक 70 प्रतिशत फसल बर्बाद हो चुकी है। कहा कि मौसम ने उनकी सालभर की मेहनत पर पानी दिया है। किसानों ने तहसील प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग की है।