उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) की ओर से भारतीय प्राणी सर्वेक्षण संस्थान (भारत सरकार) के संयुक्त तत्वावधान में ‘एनीमल टैक्सोनोमी’ विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ किया गया। सप्ताहभर के इस कार्यक्रम के पहले दिन कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग के सचिव दीपक कुमार ने कहा, इस प्रशिक्षण से छात्र-छात्राओं को जंतुओं के व्यवस्थित ढंग से अध्ययन में सहायता प्राप्त होगी।
यूसर्क की निदेशक प्रो. डाॅ. अनीता रावत ने कहा, विद्यार्थियों में कौशल विकास में वृद्धि करने के लिए विभिन्न विषयों में अलग-अलग शोध एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। विज्ञान, शिक्षा, नवाचार केंद्रित प्रशिक्षणों के आयोजन से छात्रों में आत्मविश्वास के साथ-साथ उनको करियर एवं स्वरोजगार के लिए मार्गदर्शन भी प्राप्त होता है। जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विभागाध्यक्ष डाॅ. गौरव शर्मा ने बताया, संस्थान की ओर से जंतुओं की विलुप्त होती जा रही प्रजातियों और वर्तमान में मौजूद प्रजातियों से संबंधित वर्गीकृत डाटा को लगातार एकत्र एवं संरक्षित किया जा रहा है। इस मौके पर डीआरडीओ, तेजपुर के पूर्व निदेशक डाॅ. विजयवीर, वैज्ञानिक डाॅ. आफताब अहमद, डाॅ. नरेंद्र शर्मा डाॅ. मंजू सुंदरियाल, डाॅ. ओम प्रकाश नौटियाल आदि मौजूद रहे।