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Dehradun: राजधानी में जाम का बड़ा कारण... लेफ्ट टर्न के अस्थायी कब्जेदार फंसाते हैं चौराहों का ट्रैफिक

Tue, 21 Nov 2023 01:44 PM IST
देहरादून ब्यूरो अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून

सार

ज्यादातर चौराहों पर लेफ्ट टर्न को फ्री रखा जाता है। यानी रेड सिग्नल होने पर बायीं ओर निकलने वाले यातायात को नहीं रोका जाता। मगर, देहरादून में स्थिति इसी लेफ्ट टर्न पर खराब होती है। कमोबेश हर चौराहे पर चंद सेकंड के लिए रुकने वाले लोगों को कई-कई मिनट तक खड़ा रहना पड़ता है।
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देहरादून में ट्रैफिक - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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राजधानी का ट्रैफिक तिराहों और चौराहों पर लेफ्ट टर्न के फेर में उलझता है। लेफ्ट टर्न पर अस्थायी कब्जेदारों ने डेरा जमा रखा है। इससे बायें जाने वालों को सेकंड की बजाय मिनटों और कई बार तो घंटों में समय लगता है। जाम के इस सबसे बड़े कारण पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि, कुछेक चौराहों पर अस्थायी व्यवस्था की गई लेकिन इनका असर भी देखने को नहीं मिलता।

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ज्यादातर चौराहों पर लेफ्ट टर्न को फ्री रखा जाता है। यानी रेड सिग्नल होने पर बायीं ओर निकलने वाले यातायात को नहीं रोका जाता। मगर, देहरादून में स्थिति इसी लेफ्ट टर्न पर खराब होती है। कमोबेश हर चौराहे पर चंद सेकंड के लिए रुकने वाले लोगों को कई-कई मिनट तक खड़ा रहना पड़ता है। कारण हैं चौराहों के बायें हिस्से के अस्थायी कब्जेदार। आगे निकलने की आपाधापी के बीच नियमों को भूलकर लोग इसी जगह से निकलने का प्रयास करते हैं। इससे पीछे से आने वाले वास्तव में बायीं ओर जाने वाले लोगों को भी यहां खड़ा रहना पड़ता है।

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लेफ्ट टर्न पर कोई बड़ी कार्रवाई राजधानी में नहीं हुई। अलबत्ता अभियान के तौर पर कई बार घोषणाएं जरूर हुईं। चौराहों पर खड़े रहने वाले पुलिसकर्मी भी केवल ट्रैफिक संचालित करने में व्यस्त हो जाते हैं। इन अस्थाई कब्जेदारों पर किसी का ध्यान नहीं जाता। शहर के कुछ चौराहों पर अस्थायी दीवार बनाकर लेफ्ट टर्न फ्री रखने की कसरत जरूर हुई। लेकिन, लगातार निगरानी की कमी के चलते यह व्यवस्था भी दम तोड़ रही है। इनमें मुख्य रूप से प्रिंस चौक, दर्शनलाल चौक, घंटाघर चौक आदि शामिल हैं। मगर, पुलिस और सिग्नल की अनदेखी करने वाले इस निर्धारित लेन पर भी खड़े हो जाते हैं।

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चौराहों से ज्यादा तिराहों पर होती है ज्यादा परेशानी
देहरादून में चौराहों से ज्यादा तिराहे हैं। जिन्हें आम बोलचाल की भाषा में चौक बोला जाता है वास्तव में वे सब तिराहे हैं। इनमें लालपुल तिराहा, ट्रांसपोर्ट नगर तिराहा, बेहल तिराहा, एस्लेहाल तिराहा, ग्लोब चौक पर भी तिराहा, मंडी तिराहा, कमला पैलेस पर भी तिराहा आदि शामिल हैं। यहां पूर्ण चौराहों की अपेक्षा सड़क पर कम जगह होती है। यही कारण है कि कई बार लालपुल तिराहे पर चंद सेकेंड का रेड सिग्नल भी घंटों में तब्दील हो जाता है।

तिराहों और चौराहों पर लेफ्ट टर्न फ्री रखने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस पर मंथन चल रहा है। अलग-अलग जगहों पर ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी जो लेफ्ट टर्न को घेरकर खड़े हो जाते हैं।
- अजय सिंह, एसएसपी, देहरादूनI
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